जब कैलेंडर के हर पन्ने पर दर्ज हुई कामयाबी, जानिए 2025 में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय उपलब्धियों की कहानी

Chhattisgarh National Achievements 2025: साल बदलते हैं, तारीखें पलटती हैं, लेकिन कुछ साल ऐसे होते हैं, जो सिर्फ समय नहीं गिनते, उपलब्धियां दर्ज करते हैं। 2025 ऐसा ही एक साल रहा, जब छत्तीसगढ़ बार-बार राष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता रहा। कभी खेल में, कभी स्वास्थ्य में, कभी जल संरक्षण तो कभी नवाचार के क्षेत्र में। नया साल 2026 शुरू हो रहा है और पीछे छूट रहा है एक ऐसा साल, जो आंकड़ों, पुरस्कारों और पहचान से भरा रहा। कुछ साल कैलेंडर पर सिर्फ गुजरते नहीं हैं, वो हर तारीख पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं।
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25 मार्च 2025 को विश्व क्षय दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ को “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान” में पहला पुरस्कार मिला। यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण मानी गई, क्योंकि 50 लाख से ज्यादा आबादी वाले राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ की 4102 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई, जो देश में सर्वाधिक अनुपात था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पंचायत स्तर पर बीमारी की रोकथाम और निगरानी को लेकर यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय बना। बता दें कि भारत सरकार ने 2023 में “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत” की परिकल्पना की थी। पहले ही साल में छत्तीसगढ़ की 2260 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 4102 पंचायतों तक पहुंच गई।
आधार सेवाओं में बच्चों पर केंद्रित काम को पहचान
9 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में आयोजित आधार संवाद कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को 18 साल से कम आयु के बच्चों के बायोमैट्रिक आधार अपडेट में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला। 5-7 साल और 15-17 साल आयु वर्ग में आधार अपडेट की प्रगति को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के कारण राज्य का नाम राष्ट्रीय सूची में शामिल हुआ। चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक ने बताया कि राज्य में 5 से 7 और 15 से 17 आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह सम्मान मिला है।
फसल बीमा योजना में प्रभावी क्रियान्वयन
18 अप्रैल 2025 को केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की 12वीं राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ को देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में सेकंड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का दर्जा मिला। मोहला-मानपुर-चौकी और सक्ती जिले को भी योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल किया गया। कृषि विशेषज्ञों ने इसे दावा निपटान, कवरेज और किसानों तक पहुंच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना। (Chhattisgarh National Achievements 2025)
DMF कार्यों में पारदर्शिता की सराहना
9 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल DMF वर्कशॉप के दौरान छत्तीसगढ़ को जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) से जुड़े डेटाबेस और ऑडिट रिपोर्ट के 90 प्रतिशत से ज्यादा अपलोड कार्य को समय पर पूरा करने के लिए सम्मानित किया गया। खनन क्षेत्रों में विकास कार्यों के दस्तावेजीकरण को लेकर यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी गई। बता दें कि खान मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के जरिए नेशनल डीएमएफ पोर्टल में सभी राज्यों के डीएमएफ से संबंधित डेटाबेस का संधारण किया जाता है। डीएमएफ के ऑडिट रिपोर्ट का राज्य डीएमएफ पोर्टल और नेशनल डीएमएफ पोर्टल में 90 प्रतिशत डेटाबेस पूरी तरह अपलोड किए जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
स्वच्छता में नगरीय निकायों की पहचान
17 जुलाई 2025 को केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के 7 शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है। बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल 7 नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया।
नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को पहचान
13 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित चौथे भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन में एनआईटी रायपुर FIE (Foundation for Innovation and Entrepreneurship) को भारत इन्क्यूबेटर अवार्ड प्रदान किया गया। यह पुरस्कार स्टार्टअप मार्गदर्शन, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता सहयोग के लिए दिया गया। (Chhattisgarh National Achievements 2025)
रेशम उत्पादन में राष्ट्रीय सम्मान
20 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ को रेशम उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार बोर्ड के 76वें स्थापना दिवस पर बेंगलुरु में समारोह में सांसद और बोर्ड सदस्य के. सुधाकर ने प्रदान किया। यह पुरस्कार उप संचालक रेशम मनीष पवार ने ग्रहण किया।
जल संचय जनभागीदारी 1.0 में छत्तीसगढ़ का परचम
25 सितंबर को जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर इतिहास रचा। जल संचय जनभागीदारी 1.0 (JSJB) के परिणामों में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि जल प्रबंधन और जनभागीदारी के संगम का जीवंत उदाहरण है। प्रदेश में अब तक 4 लाख 05 हजार 563 काम पूरा कर जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन में बदल दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल-संपदा की नींव है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में यह उस सामूहिक चेतना का प्रमाण है, जिसने छत्तीसगढ़ को देश के लिए एक प्रेरणा बना दिया है।
बालोद जिले को 2 करोड़ का प्रोत्साहन
26 सितंबर 2025 को जल संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में बालोद जिले ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। भारत सरकार की ओर से संचालित जल संचयन जनभागीदारी अभियान में बालोद ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए जिले को 2 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। जिले में 1 लाख 6 हजार 677 से ज्यादा नवीन जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। वहीं 30 हजार 849 पहले से निर्मित जल स्रोतों की मरम्मत और साफ-सफाई की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में 10 हजार वाटर रिचार्ज पिट बनाए गए हैं। इसके अलावा वन क्षेत्र में 3 लाख 88 हजार से ज्यादा पौधरोपण कर मृदा और जल संरक्षण के कार्य किए गए।
जल संरक्षण में रिकॉर्ड बनाते जिले
जल संरक्षण की दिशा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए महासमुंद जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। जल संचय जनभागीदारी अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले को जोन-2 की कैटेगरी-2 में देशभर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि पर भारत सरकार की ओर से महासमुंद जिला प्रशासन को एक करोड़ रुपए का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। जल संरचनाओं के निर्माण, मरम्मत और सामुदायिक सहभागिता को इस उपलब्धि का आधार माना गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जल जीवन का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी हम जल संरक्षण को जनसहभागिता आधारित आंदोलन बना रहे हैं। महासमुंद ने सामुदायिक भावना और नवाचार के माध्यम से यह सिद्ध कर दिखाया है कि जनता जब आगे बढ़कर सहभागिता करती है तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, उसे पाना संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव में ‘मोर गांव-मोर पानी’ जैसी जनहितकारी योजनाओं को और मजबूती से लागू करेगी।
NSS में छत्तीसगढ़ की बेटी की पहचान
7 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ की माटी ने एक बार फिर पूरे देश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। कोरबा जिले और ई. विश्वेश्वरैया इंजीनियरिंग कॉलेज की एनएसएस स्वयंसेविकालखनी साहू ने अपने समर्पण, सेवा और कर्मनिष्ठा से प्रदेश का नाम रोशन किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें MY Bharat NSS राष्ट्रीय पुरस्कार (2022-23) से सम्मानित किया है। यह उपलब्धि न केवल लखनी साहू के अथक प्रयासों की पहचान है, बल्कि हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने इस सम्मान पर लखनी साहू को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने समाजसेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के माध्यम से समाजहित में किए गए उनके योगदान ने यह सिद्ध किया है कि जब युवा संकल्प लेकर आगे बढ़ते हैं तो परिवर्तन निश्चित होता है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को देश सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
कुपोषण प्रबंधन में राष्ट्रीय रैंक
10 अक्टूबर 2025 को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले ने कुपोषण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट और नवाचारी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। भारत सरकार के नीति आयोग की ओर से आयोजित “नीति फॉर स्टेट्स- यूज केस चैलेंज” में जिले को स्वास्थ्य और पोषण विषय के अंतर्गत कुपोषण प्रबंधन श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए जिले की कलेक्टर तुलिका प्रजापति को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लबसना) में आयोजित समारोह में नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रमण्यम ने सम्मानित किया।
जन आरोग्य योजना में शीर्ष प्रदर्शन
15 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों और शून्य लंबितता (Zero Pendency) सुनिश्चित करने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया। यह सम्मान भोपाल में आयोजित एनएचए कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के CEO सुनील कुमार बर्नवाल ने राज्य नोडल एजेंसी (SNA) की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला और प्रोजेक्ट डायरेक्टर (ऑपरेशन) धर्मेंद्र गहवाई को प्रदान किया। यह उपलब्धि राज्य नोडल एजेंसी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने के लिए की गई निरंतर पहल का परिणाम है।
आदिवासी विकास से जुड़ी पहचान
18 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए प्रदेश को राष्ट्रपति ने ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। राज्य सरकार और जनजातीय विकास विभाग की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने राष्ट्रपति से प्राप्त किया। 18 अक्टूबर 2025 को ही भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अंबिकापुर के डॉ. ललित शुक्ला को उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर के रूप में सम्मानित किया गया।
कोरिया की विकास गाथा को मिली राष्ट्रीय पहचान
19 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में कोरिया जिले को धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राष्ट्रीय पहचान मिली। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कोरिया जिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया।
गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को नई पहचान
17 नवंबर 2025 को मनेंद्रगढ़ स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को विकसित कर राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए DFO मनीष कश्यप को Nexus of Good Foundation Awards 2025 में सम्मानित किया गया। यह पार्क एशिया के सबसे बड़े और 29 करोड़ साल पुराने मरीन फॉसिल क्षेत्रों में शामिल है। पर्यावरण संरक्षण श्रेणी में चुनिंदा नवीनतम कार्यों के बीच DFO का नवाचार विशेष रूप से सराहा गया।
12 जिलों को राष्ट्रीय जल पुरस्कार
19 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के 12 जिलों को जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के लिए सम्मान मिला। इन 12 जिलों में रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर शामिल हैं। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार और जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन जिलों को सम्मानित किया। (Chhattisgarh National Achievements 2025)
औषधीय खेती में तीन जिलों को अवॉर्ड
18 दिसंबर 2025 को धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया-2025 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
बाल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच
26 दिसंबर 2025 को कोंडागांव जिले की योगिता मंडावी को जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया गया। (Chhattisgarh National Achievements 2025)
नया साल, पुरानी मेहनत की चमक
2025 ने छत्तीसगढ़ को यह पहचान दी कि यहां उपलब्धियां किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहीं। खेल, स्वास्थ्य, जल, कृषि, नवाचार, स्वच्छता और सामाजिक विकास, हर मोर्चे पर राज्य ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फिलहाल साल 2025 अपने अंतिम पलों में है, लेकिन इस साल प्रदेश ने अपने नागरिकों और जनभागीदारी से राष्ट्रीय पुरस्कारों की एक लंबी श्रृंखला हासिल की है, जिसे आने वाले साल की शुरुआत में भी प्रेरणा का स्रोत माना जाएगा। नए साल की शुरुआत के साथ, यह उपलब्धियों का सिलसिला और भी ऊंचाइयों को छूने का अवसर प्रदान करेगा। साल 2025 के अंत में छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह गर्व और उत्साह का क्षण है और उम्मीद है कि 2026 में भी प्रदेश के प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान लगातार बनी रहेगी।



