Chhattisgarh News : खाद-डीजल संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा, आरंग में मंत्री कार्यालय का घेराव
आरंग (Chhattisgarh News) : खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले खाद और डीजल की भारी किल्लत से परेशान किसानों का आक्रोश बुधवार को आरंग में सड़कों पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में किसानों ने एकजुट होकर क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के कार्यालय का घेराव किया तथा शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद किसान अपनी मांगों को लेकर घंटों तक डटे रहे।
खाद की कमी से बढ़ी किसानों की चिंता
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया और पोटाश खाद की भारी कमी बनी हुई है। किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि बुआई का समय नजदीक है और ऐसी स्थिति में खाद की अनुपलब्धता खेती-किसानी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
डीजल संकट से ठप पड़ रहे कृषि कार्य
किसानों ने बताया कि खाद संकट के साथ-साथ डीजल की कमी ने भी कृषि कार्यों को प्रभावित किया है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के संचालन में परेशानी आ रही है। डिब्बे में डीजल देने पर लगी रोक के कारण किसानों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे खेतों की तैयारी और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। (Chhattisgarh News)
सरकार पर उदासीनता का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने सरकार पर किसानों की बुनियादी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि समय रहते खाद और डीजल की व्यवस्था नहीं की गई तो इस वर्ष कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। किसानों ने कहा कि खेती प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को आवश्यक संसाधनों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मंत्री की अनुपस्थिति में किसानों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी, दो बोरी यूरिया और एक बोरी पोटाश की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही आगामी दो माह तक कृषि कार्यों के लिए निर्बाध डीजल आपूर्ति करने और ट्रैक्टर व हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल नहीं देने संबंधी आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग रखी गई।
फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाने की मांग
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से फसल बीमा योजना को ऐच्छिक (वैकल्पिक) बनाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि किसानों को अपनी आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुसार योजना में शामिल होने या नहीं होने का विकल्प मिलना चाहिए।
रायपुर में उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो राजधानी रायपुर में व्यापक और उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए शासन-प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
कांग्रेस और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का मिला समर्थन
धरना-प्रदर्शन को कांग्रेस पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने भी समर्थन दिया। दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने किसानों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए सरकार से तत्काल समाधान निकालने की मांग की।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
प्रदर्शन में किसान नेता पारसनाथ साहू, रायपुर जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर, श्रवण चंद्राकर, गोविंद चंद्राकर, कैलाश वर्मा, जनकराम आवड़े, धनाजी चंद्राकर, हिरेश चंद्राकर, द्रोण चंद्राकर, प्रवीण चंद्राकर, पुरुषोत्तम धीवर, फविंद्र वर्मा, कमल चंद्राकर, कृष्णकुमार चंद्राकर, विकास टंडन, रेखराम पात्रे, उपेंद्र भारती, खिलावन निषाद, समीर गौरी, सूरज सोनकर, सौरभ चंद्राकर सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। (Chhattisgarh News)
किसानों की प्रमुख मांगें
- प्रति एकड़ 2 बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जाए।
- प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया सुनिश्चित किया जाए।
- प्रति एकड़ 1 बोरी पोटाश उपलब्ध कराया जाए।
- आगामी दो माह तक निर्बाध डीजल आपूर्ति की जाए।
- ट्रैक्टर एवं हार्वेस्टर के लिए डिब्बे में डीजल देने पर लगी रोक हटाई जाए।
- फसल बीमा योजना को ऐच्छिक बनाया जाए।



