Google Analytics —— Meta Pixel

छत्तीसगढ़ विधानसभा में VB-G-RAM-G योजना पर घमासान, कांग्रेस ने किया कार्यवाही का बहिष्कार

Conflict in Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन VB-G-RAM-G योजना को लेकर सदन में टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने शून्यकाल में योजना के विरोध में स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन आसंदी ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद विपक्ष ने सदन से बहिष्कार कर दिया। शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पहले की मनरेगा योजना बेहतर थी और वर्तमान व्यवस्था गरीबों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

यह भी पढ़ें:- अबूझमाड़ की बेटी का कमाल: ‘आदि पर्व 2026’ में वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

इस पर सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन विपक्ष की राजनीति का मंच नहीं है, बल्कि जनता के मुद्दों पर चर्चा का स्थान है। उन्होंने विपक्ष पर समय बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पहले ही तय कर चुकी थी कि इस मुद्दे पर सदन में नहीं रहेगी। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी तेज हो गई कि सदन में नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि अगर जनता के मुद्दों पर राजनीति करनी पड़े तो विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। (Conflict in Assembly)

आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को किया खारिज

हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सिर्फ नीति परिवर्तन का मामला नहीं, बल्कि सरकार की नियत पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इसे गरीबों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग दोहराई। कांग्रेस विधायक कवासी लखमा समेत अन्य विपक्षी विधायकों ने भी इस मुद्दे को गरीबों से जुड़ा बताते हुए चर्चा कराने पर जोर दिया। हालांकि आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे नाराज विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने लगाए आरोप

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा को लेकर लाया गया यह मुद्दा गरीबों के काम के अधिकार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत गरीबों के खिलाफ है और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। महंत ने कहा कि पंचायतों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और अब कामों का फैसला ऊपर से किया जाएगा, जिससे मजदूरों को नुकसान होगा। इस पर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि आसंदी ने स्पष्ट किया है कि स्थगन प्रस्ताव उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि VB-G-RAM-G योजना के तहत अधोसंरचना, रोजगार और आजीविका विकास पर काम किया जाएगा।

विवाद ने लिया सियासी रंग

डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस गांधी के नाम पर राजनीति करती है, जबकि भाजपा गांधी के विचारों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नई योजना से अधोसंरचना विकास को बढ़ावा मिलेगा और सरकार अपने संकल्प पर अटल है। VB-G-RAM-G योजना को लेकर विधानसभा में छिड़ा यह विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। एक ओर विपक्ष इसे गरीब विरोधी बता रहा है तो वहीं सरकार इसे विकास और रोजगार बढ़ाने वाला कदम बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं। (Conflict in Assembly)

Back to top button
error: Content is protected !!