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रायपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल, मनरेगा-महंगाई समेत कई मुद्दों को लेकर बड़ा प्रदर्शन, 2028 में सत्ता वापसी का किया दावा

Congress Protest in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव, रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, किसानों-मजदूरों से जुड़े मुद्दों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही विधानसभा घेराव की कोशिश की। सबसे पहले भारत माता चौक पर सभा का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, PCC चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यूथ कांग्रेस और अलग-अलग मोर्चा-प्रकोष्ठों के हजारों कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग और टीन शेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बावजूद कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़े, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी और बहस की स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ अनोखा विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाई और इसे सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया। (Congress Protest in Raipur)

पूर्व CM भूपेश बघेल ने मोदी सरकार और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों को सम्मानजनक रोजगार देने की योजना थी, लेकिन भाजपा ने इसकी मूल भावना को कमजोर कर दिया। बघेल ने दावा करते हुए कहा कि 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी और 2029 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर मनरेगा की मजदूरी डेढ़ गुना बढ़ाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए बघेल ने केंद्र सरकार की नीतियों को गरीब विरोधी बताया। उन्होंने प्रदेश में किसानों, मजदूरों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।

बघेल ने कहा कि मोदी का नाम पनौती रख देना चाहिए। पहली बार पहलगाम गए तो आम लोगों की हत्या हो गई। इजरायल गए तो विश्व युद्ध शुरू हो गया। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है और इससे कोई इमारत नहीं टूटती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों पर नियंत्रण बढ़ा रही है और फैसले दबाव में लिए जा रहे हैं। पायलट ने यह भी कहा कि पहले मनरेगा का बड़ा हिस्सा केंद्र से आता था, लेकिन अब राज्यों पर बोझ डाला जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की सुनती है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा की नीति और नियत दोनों बदल दी गई हैं।

बैरिकेड पर चढ़े नेता, टीन शेड तोड़ने की कोशिश

विधायक संगीता सिंह ने भाजपा सरकार पर दादागिरी का आरोप लगाया। जबकि अन्य नेताओं ने प्रदेश में अफीम प्रकरण और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने PCC चीफ दीपक बैज को बैरिकेड पर चढ़ा दिया। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार ने टीन शेड लगाकर लोकतांत्रिक विरोध को रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कानून-व्यवस्था नहीं तोड़ना चाहती, इसलिए शांतिपूर्ण तरीके से घेराव किया गया। इस दौरान बैज और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कार्यकर्ताओं ने टीन शेड हटाने की कोशिश की, जिससे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और कई कार्यकर्ताओं के कपड़े तक फट गए।

कई घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद PCC चीफ दीपक बैज ने विधानसभा घेराव समाप्ति की घोषणा की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। कुल मिलाकर कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए महंगाई, मनरेगा, किसानों-मजदूरों के मुद्दे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। वहीं राजनीतिक बयानबाजी के बीच आने वाले चुनावों को लेकर भी बड़े दावे किए गए। रायपुर में कांग्रेस का यह शक्ति प्रदर्शन भले ही शांतिपूर्ण समापन के साथ खत्म हुआ हो, लेकिन इसने प्रदेश की सियासत को फिर गरमा दिया है।

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