छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे का काउंटडाउन, कांकेर में 5 और नक्सलियों का सरेंडर, IG ने बचे नक्सलियों को दिया 48-72 घंटे का समय

Countdown to End of Naxalism: छत्तीसगढ़ में नक्सल खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की तय डेडलाइन में अब सिर्फ 5 दिन ही बचे हैं। इस बीच बस्तर में नक्सलियों पर सरेंडर का दबाव अपने चरम पर पहुंच गया है। शायद यही कारण है कि कांकेर और मोहला-मानपुर के जंगलों में सक्रिय आरकेबी डिवीजन के अंतिम 5 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण का फैसला कर लिया है। सभी नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ कांकेर जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी निखिल राखेचा के सामने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एसीएम रैंक के मंगेश, गणेशा, राजे, हिडमें और मंगती शामिल हैं, जिन्होंने एसएलआर और दो .303 राइफल जैसे हथियार जमा किए।
यह भी पढ़ें:- बर्ड फ्लू की आहट से बंद हुआ कानन पेंडारी जू, 7 दिन तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक
इस सरेंडर के साथ ही क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों की अंतिम कमेटी भी समाप्त हो गई है। जानकारी के मुताबिक इलाके में सक्रिय अधिकांश बड़े नक्सली या तो मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। ऐसे में 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले इन अंतिम नक्सलियों का मुख्यधारा में लौटना पुलिस के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। हालांकि कांकेर पुलिस के सामने अभी भी चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जंगलों में अब भी करीब 17 नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनमें डीवीसीएम चंदर और एसीएम रूपी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके सरेंडर को लेकर लंबे समय से अटकलें हैं, लेकिन अब तक इन्होंने हथियार नहीं डाले हैं। (Countdown to End of Naxalism)

महिला नक्सली स्वरूपा का सरेंडर
इसी बीच पखांजूर क्षेत्र में महिला नक्सली स्वरूपा ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर के बाद उसने गोंडी भाषा में एक भावनात्मक हस्तलिखित पत्र जारी किया, जिसमें उसने अपने साथियों से भी हथियार छोड़ने की अपील की है। अपने पत्र में स्वरूपा ने कामरेड चंदर और रूपी समेत अन्य नक्सलियों के लिए लिखा कि पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर कर वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जी सकते हैं। उसने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं, जनता भी पहले की तरह मदद करने की स्थिति में नहीं है और कुछ लोगों के बचे रहने से लड़ाई जारी रखना बेकार है। स्वरूपा ने अपने साथियों से जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए लिखा कि 3-4 लोग रहकर क्या करेंगे, फालतू में जान जा रही है, सरेंडर कर अच्छा जीवन जिया जा सकता है।
बस्तर IG ने 48-72 घंटे का दिया अल्टीमेटम
नक्सली कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद बस्तर IG सुंदरराज पी ने बचे हुए नक्सलियों को 48 से 72 घंटे के भीतर सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया है। IG ने कहा कि बस्तर में अब गिनती के ही नक्सली बचे हैं और उनके पास सरेंडर करने के लिए सीमित समय है। उन्होंने कहा कि तय समय के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करने पर उन्हें एंटी-नक्सल ऑपरेशन का सामना करना पड़ेगा। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण और सख्त पुलिस कार्रवाई के चलते कांकेर और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलवाद की पकड़ कमजोर होती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि स्वरूपा की भावनात्मक अपील और पुलिस की चेतावनी का बाकी बचे नक्सलियों पर कितना असर पड़ता है।



