भिलाई मैत्रीबाग में सफेद बाघिन की संदिग्ध मौत, पेट में इंफेक्शन की आशंका

Death of White Tigress: भिलाई के मैत्रीबाग जू में सफेद बाघों के कुनबे से एक और सदस्य कम हो गया है। दरअसल, सोमवार सुबह केज में मादा सफेद बाघिन जया संदिग्ध हालत में मृत पाई गई। प्रारंभिक जांच में उसकी मौत का कारण पेट में इंफेक्शन बताया जा रहा है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। सुबह जब जू प्रबंधन के कर्मचारियों ने रूटीन निरीक्षण किया तो जया मृत अवस्था में मिली। इसकी सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी मैत्रीबाग पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

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डीएफओ की मौजूदगी में बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया और अंतिम संस्कार मैत्रीबाग परिसर में ही किया गया। जानकारी के मुताबिक जया की उम्र 12 साल थी। उसे करीब डेढ़ साल पहले रायपुर जंगल सफारी से एक्सचेंज कर मैत्रीबाग लाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जया एक दिन पहले तक बिल्कुल सामान्य थी, इसलिए मौत संदिग्ध मानी जा रही है। सफेद बाघ दूसरे बाघों की तुलना में काफी संवेदनशील माने जाते हैं। हाल के दिनों में बढ़ती ठंड को देखते हुए जू प्रबंधन ने उनकी डाइट में बदलाव के साथ-साथ उन्हें गर्म रखने के लिए अलाव की भी व्यवस्था की थी। (Death of White Tigress)

मैत्रीबाग को देश में सफेद बाघों के सबसे खास संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है। 1990 में ओडिशा स्थित नंदनकानन जू से यहां पहला सफेद बाघ जोड़ा लाया गया था। तब से अब तक 19 सफेद बाघों का जन्म मैत्रीबाग में हुआ है। इनमें से 13 बाघों को गुजरात, यूपी, झारखंड, मध्यप्रदेश और रायपुर समेत कई राज्यों में भेजा जा चुका है। जया की मौत के बाद मैत्रीबाग में अब सिर्फ 5 सफेद बाघ बचे हैं। देश में सफेद बाघों की कुल अनुमानित संख्या करीब 160 है, जिनमें से 19 अकेले मैत्रीबाग में जन्मे थे। (Death of White Tigress)

मैत्रीबाग के इतिहास पर एक नजर

मैत्रीबाग की शुरुआत 1965 में बीएसपी स्थापना के आठ साल बाद एक गार्डन के रूप में हुई थी। 1972 में इसे जू का स्वरूप दिया गया। शुरुआती दौर में यहां सिर्फ भालू और बंदर थे। 1976-78 के बीच शेर और बाघ शामिल किए गए। वर्तमान में करीब 140 एकड़ में फैला यह जू 5 श्रेणियों के करीब 400 वन्य प्राणियों का घर है। इनमें सांभर, नीलगाय, लेपर्ड, लकड़बग्घा, लोमड़ी, घड़ियाल प्रमुख हैं। मनोरंजन के लिए बोटिंग, टॉय ट्रेन, म्यूजिकल फाउंटेन और गार्डन भी मौजूद हैं। मैत्रीबाग में हर साल करीब 12 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। बीएसपी प्रबंधन जू पर हर साल करीब 4 करोड़ रुपए खर्च करता है, जबकि 20 रुपए प्रति टिकट के हिसाब से आय मात्र 1.5 करोड़ रुपए होती है। जू के संचालन में कुल 50 कर्मचारी कार्यरत हैं।

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