गर्ल्स स्कूल में दो महीने से बाहरी पुरुषों का डेरा, सुरक्षा नियमों की अनदेखी, शिक्षा विभाग अनजान…!

Kondagaon Girls School: कोंडागांव जिले के गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां सरस्वती साइकिल योजना के तहत फिटिंग का काम करने वाले ठेकेदार के मैकेनिकों को पिछले दो महीने से स्कूल परिसर में ही ठहराया गया, जहां वे रात में रुक रहे हैं, छात्राओं के शौचालय का उपयोग कर रहे हैं और कक्षाओं को ही रहने का स्थान बना रखा है। स्कूल प्रबंधन ने शुरू से इस पर आपत्ति जताई, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी स्तर पर किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 565 छात्राओं वाले इस गर्ल्स स्कूल में बाहरी पुरुषों का इस तरह से ठहरना सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है।
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जानकारी के मुताबिक साइकिल योजना की फिटिंग सामग्री को प्रार्थना भवन में डंप किया गया था। प्राचार्य के मना करने के बावजूद मैकेनिकों को प्रार्थना भवन, एक कक्षा और छात्राओं के शौचालय तक उपयोग की अनुमति दी गई। यह सब बिना किसी लिखित स्वीकृति और बिना किसी सुरक्षा प्रावधान के किया गया। प्राचार्य अंजू मरकाम ने कहा कि हमने स्कूल में ठहरने से मना किया था। सुरक्षा की चिंता रहती है, लेकिन BEO ने मौखिक रूप से परिसर में फिटिंग करने की अनुमति दी। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी जगमोहन भोयर ने कहा कि स्कूल की सहमति से जगह दी गई थी। अब सुरक्षा मुद्दा सामने आया है तो तुरंत हटवाएंगे। (Kondagaon Girls School)
DEO पूरी तरह अनजान
जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने कहा कि मेरी जानकारी में साइकिल फिटिंग का कोई काम नहीं था। अगर ऐसा हो रहा है तो तुरंत हटवाएंगे। तीनों अधिकारियों के बयानों में विरोध पूरी तरह साफ है, लेकिन जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल जिला शिक्षा कार्यालय से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर है। ऐसे में दो महीने तक विभागीय अधिकारी अनजान बने रहे। यह अपने आप में बड़ा सवाल है। यूपी-उत्तराखंड से आए मैकेनिकों ने बताया कि पूरे ब्लॉक की 1515 साइकिलों की फिटिंग करनी है, इसलिए स्कूल में ही रुककर काम करते हैं। यह बताता है कि स्कूल को एक बड़े वर्कशॉप की तरह उपयोग किया जा रहा था। (Kondagaon Girls School)
सुरक्षा पर गंभीर खतरा
छात्राओं के बीच लगातार बाहरी पुरुषों की मौजूदगी, शौचालय और कक्षाओं का उपयोग, रात में ठहराव और किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था या स्वीकृति का अभाव स्कूल सुरक्षा गाइडलाइन का गंभीर उल्लंघन हैं। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गर्ल्स स्कूल में इतनी बड़ी लापरवाही अस्वीकार्य है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद BEO और DEO ने मैकेनिकों को हटाने का आश्वासन दिया है। हालांकि लिखित आदेश, जांच और जवाबदेही पर अभी तक कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। कोंडागांव जिले के गर्ल्स स्कूल में दो महीने तक चली यह घटना शिक्षा विभाग की लापरवाही और मॉनिटरिंग की कमजोरी को उजागर करती है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए ऐसी चूक बेहद गंभीर है और अभिभावकों के मन में कई सवाल छोड़ गई है।




