भूपेश बघेल पर ED-CBI का शिकंजा कसता गया: सुप्रीम कोर्ट में आज अग्रिम जमानत पर सुनवाई
शराब, कोयला और महादेव सट्टा घोटाले में नामजद, बेटे चैतन्य बघेल की याचिका पर भी होगी सुनवाई
Chhattisgarh Liquor Scam, Coal Scam : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप (Chhattisgarh Liquor Scam, Coal Scam ) से जुड़े मामलों में ईडी (ED), ईओडब्ल्यू (EOW) और सीबीआई (CBI) की जांच जारी है। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर की हैं, जिन पर सोमवार, 5 अगस्त को सुनवाई होगी।
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यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉय-माल्या बागची की पीठ में होनी है। एक याचिका में ED और उसके उप निदेशक, जबकि दूसरी में CBI, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को पक्षकार बनाया गया है।
चैतन्य बघेल की भी याचिका पर सुनवाई
पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल ने भी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि जैसे उनके बेटे को राजनीतिक द्वेष के चलते निशाना बनाया गया, वैसे ही खुद भूपेश बघेल को भी टारगेट किया जा रहा है।
ईडी का छापा, नकद बरामदगी और झड़प
करीब 5 महीने पहले, ईडी ने भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर 10 घंटे की छापेमारी की थी। इस दौरान 32–33 लाख रुपये नकद, दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। छापे के दौरान ईडी की टीम पर पथराव हुआ और पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें भी देखने को मिलीं।
उसी दिन चैतन्य बघेल से जुड़े 14 ठिकानों पर भी छापे मारे गए। आरोप है कि 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में चैतन्य को लाभ पहुंचाया गया। ईडी ने उनके करीबी पप्पू बंसल और लक्ष्मीनारायण बंसल के यहां भी छापे मारे।
महादेव ऐप केस में भी नामजद
एक महीने बाद, CBI ने महादेव सट्टा ऐप मामले में भूपेश बघेल समेत उनके OSD आशीष वर्मा, सचिव सौम्या चौरसिया, अफसर अनिल टुटेजा, IPS मनीष बंछोर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की। डिजिटल और हार्डकॉपी दस्तावेज जब्त किए गए।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और रिमांड
20 जुलाई को ईडी ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया, जो फिलहाल रायपुर जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी रिमांड 4 अगस्त को खत्म हो रही है। उम्मीद है कि ईडी रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है।
चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा है कि ईडी की कई बातें तथ्यहीन हैं। उन्होंने बताया कि जिस 5 करोड़ रुपये के लोन को लेकर आरोप लगाए गए, उसका ब्याज सहित भुगतान फरवरी 2025 में कर दिया गया था।
ईडी के आरोप और कबूलनामे
ईडी के मुताबिक, पूछताछ में पप्पू बंसल ने कबूल किया कि उन्होंने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का प्रबंधन किया। यह रकम अनवर ढेबर के जरिए दीपेन चावड़ा और फिर राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई। इसमें से 100 करोड़ रुपये नकद केके श्रीवास्तव को दिए गए। बंसल ने यह भी स्वीकार किया कि तीन महीने में 136 करोड़ रुपये का लाभ हुआ।
अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर
अब पूरे देश की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि क्या भूपेश बघेल और उनके बेटे को गिरफ्तारी से राहत मिलती है या नहीं। (Chhattisgarh Liquor Scam, Coal Scam )



