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मई में ‘तंदूर’ बना देश ! मैदान से पहाड़ तक हाहाकार, छुट्टियां मनाने निकले लोग भी परेशान

Extreme Heat in india: देशभर में गर्मी ने इस बार मई महीने में ही जून जैसी हालत पैदा कर दी है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मैदान सूरज की तपिश से झुलस रहे हैं, तो अब पहाड़ भी तंदूर की तरह गर्म होने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिल रही। उल्टा सड़कों पर महाजाम और बढ़ते तापमान ने सैलानियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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मई में जून जैसा सितम

  • मैदान से पहाड़ तक गर्मी का कहर
  • 40 से 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान
  • पहाड़ों पर भी हीटवेव का असर
  • छुट्टियां मनाने पहुंचे लोग जाम में फंसे
  • कई राज्यों में स्कूलों के समय बदले
  • अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार

तप रहे हैं पहाड़, सैलानी भी परेशान

हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि राजधानी शिमला में भी तापमान 30 डिग्री तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शिमला का तापमान 33 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई है, जो पहाड़ी इलाकों के हिसाब से बेहद ज्यादा माना जा रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर बाजारों और सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर में लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में पहाड़ों पर घूमने की प्लानिंग कर रहे लोगों को राहत की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है। (Extreme Heat in india)

पहाड़ों पर महाजाम, घंटों फंसे पर्यटक

मनाली और आसपास के इलाकों से सामने आई तस्वीरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यहां सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। दोनों तरफ से वाहन चालकों की ओवरटेक करने की कोशिश ने हालात और खराब कर दिए। पतली पहाड़ी सड़कों पर दो-दो लाइन बनाकर वाहन खड़े हो गए, जिससे रास्ता पूरी तरह जाम हो गया। गाड़ियां आमने-सामने फंस गईं और लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। गर्मी और ट्रैफिक जाम की दोहरी मार से पर्यटक परेशान नजर आए। दरअसल, मैदानी इलाकों में 45 से 47 डिग्री तापमान होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां बिताने पहाड़ों की ओर जा रहे हैं। लेकिन वहां की सीमित सड़क व्यवस्था और बढ़ती भीड़ अब परेशानी का कारण बनती जा रही है।

गांव से शहर तक गर्मी का टॉर्चर

उत्तर भारत के कई हिस्सों में हालात ऐसे हैं मानो आसमान से आग बरस रही हो। शहर, गांव और कस्बे सब भट्टी की तरह तप रहे हैं। हर दिन तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है। उत्तर प्रदेश में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि बांदा देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। दिल्ली-NCR में भी तेज गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में लू का कहर लगातार जारी है और दिनभर गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। वहीं राहत देने वाले पहाड़ी इलाके भी अब तपने लगे हैं। शिमला में सामान्य से 3 से 5 डिग्री ज्यादा तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिससे पहाड़ों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा है।

148 साल बाद फिर सताने लगा ‘सुपर अल नीनो’ का डर

विशेषज्ञों के मुताबिक 148 साल पहले दुनिया ने सुपर अल नीनो का भयावह असर देखा था। उस समय वैश्विक तापमान करीब 3 डिग्री तक बढ़ गया था, जिसके चलते सूखा, भुखमरी और मौसम का बड़ा संकट पैदा हुआ था। अब एक बार फिर बढ़ती गर्मी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट पर है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पतालों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं रांची के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड बनाए गए हैं। पटना में भीषण गर्मी को देखते हुए पांचवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। (Extreme Heat in india)

जबलपुर में एनसीसी कैंप बना आफत

मध्यप्रदेश के जबलपुर में तेज गर्मी के बीच चल रहे एनसीसी ट्रेनिंग कैंप में 31 से ज्यादा कैडेट्स हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का शिकार हो गए। ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में 14 मई से आयोजित इस कैंप में आसपास के जिलों के 450 से ज्यादा कैडेट्स शामिल थे। खुले आसमान के नीचे लगातार ट्रेनिंग और 44 से 45 डिग्री तापमान ने कई कैडेट्स की तबीयत बिगाड़ दी। सभी प्रभावित कैडेट्स को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। तीन से चार छात्रों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। उत्तराखंड के हल्द्वानी, रामनगर और कोटाबाग ब्लॉक में हीटवेव को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूलों की कक्षाएं सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होंगी। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले वाला समय ही लागू रहेगा।

विदर्भ में आग बरसा रहा सूरज

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी में तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है। जबकि चंद्रपुर 46.8 डिग्री पर तप रहा है। वर्धा और गढ़चिरौली में पारा 46.4 डिग्री तक पहुंच गया है। नागपुर में तापमान 46 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अमरावती 45.8 डिग्री पर झुलस रहा है। यवतमाल और भंडारा में भी तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है, वहीं गोंदिया में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी और लू ने पूरे विदर्भ क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। उत्तर प्रदेश में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि बांदा देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। दिल्ली-NCR में भी तेज गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में लू का कहर लगातार जारी है और दिनभर गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। वहीं राहत देने वाले पहाड़ी इलाके भी अब तपने लगे हैं। शिमला में सामान्य से 3 से 5 डिग्री ज्यादा तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिससे पहाड़ों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा है।

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