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Fake Deputy Collector Kavardha : कवर्धा कलेक्ट्रेट में फर्जी डिप्टी कलेक्टर की घुसपैठ, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Fake Deputy Collector Kavardha : कवर्धा जिला मुख्यालय में दो महीनों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना 16 अप्रैल को हुई थी, जब कलेक्टर कार्यालय को RDX से उड़ाने की धमकी दी गई थी। और अब 8 जून की रात एक युवक फर्जी डिप्टी कलेक्टर बनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने की कोशिश करते पकड़ा गया। पुलिस की तत्परता ने एक बार फिर संभावित खतरे को टाल दिया।

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शनिवार रात करीब 9:30 बजे तीन युवक कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचे और खुद को डिप्टी कलेक्टर व स्टेनो बताते हुए परिसर में प्रवेश की अनुमति मांगी। सुरक्षा गार्ड को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। गार्ड ने तुरंत सहायक जिला नाजीर अनमोल शुक्ला को सूचना दी, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की और फिर कोतवाली पुलिस को सूचित किया। (Fake Deputy Collector Kavardha)

पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहचान इस प्रकार हुई:

  • सम्मी ठाकुर (फर्जी डिप्टी कलेक्टर), निवासी भिलाई
  • शुभलाल राजपूत (ड्राइवर), निवासी पटेवा, जिला राजनांदगांव
  • दुर्गेश सिंह राजपूत (फर्जी स्टेनो), निवासी खैरबना कला, थाना कवर्धा

पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि इनका किसी शासकीय पद से कोई संबंध नहीं है। तीनों ने प्रशासनिक परिसर में फर्जी अधिकारी बनकर प्रवेश करने का प्रयास किया, जो कानूनन अपराध है।

सहायक जिला नाजीर की लिखित शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 248/2025 दर्ज कर आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2) के तहत गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर और थाना प्रभारी कवर्धा के निर्देशन में की गई। (Fake Deputy Collector Kavardha)

पहले भी मिली थी धमकी

16 अप्रैल को कलेक्टर कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर RDX से परिसर उड़ाने की धमकी मिली थी। पुलिस ने बम स्क्वॉड, क्यूआरटी, स्नीफर डॉग और ड्रोन से परिसर की गहन तलाशी ली थी। जांच में सामने आया कि यह मेल जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से भेजा गया था। साइबर सेल अब भी मेल के तकनीकी स्रोत की जांच में जुटी है। (Fake Deputy Collector Kavardha)

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