Parliament Budget Session : संसद के इतिहास में चौथी बार! लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

Parliament Budget Session : कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। यह नोटिस नियम 94(सी) के तहत लोकसभा महासचिव को सौंपा गया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। लोकसभा सचिवालय ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस प्राप्त होने की पुष्टि की है। नियमों के अनुसार अब प्रस्ताव की वैधता और संख्या का आकलन कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
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कांग्रेस का आरोप— सदन में पक्षपात
विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्तापक्ष के सदस्यों को खुली छूट मिल रही है। विशेष रूप से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने और कांग्रेस की महिला सांसदों के साथ अनुचित स्थिति उत्पन्न होने को लेकर विपक्ष ने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
रिजिजू का पलटवार
विपक्ष के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा,
“वे प्रस्ताव ला सकते हैं, लेकिन उनके पास संख्या नहीं है। विपक्ष ने स्पीकर के पद की मर्यादा का उल्लंघन किया है। वे अधिकारियों की टेबल पर चढ़ गए। हम स्पीकर से कार्रवाई करने को कह सकते थे, लेकिन मैं किसी विशेष कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा हूं।”
नियम और प्रक्रिया क्या कहती है?
संविधान के अनुच्छेद 94 के अनुसार, लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए कम से कम 14 दिन पहले नोटिस देना होता है और उसके बाद सदन में बहुमत से पारित प्रस्ताव की आवश्यकता होती है। नोटिस मिलने के बाद स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं करते।
अब तक कब-कब लाया गया प्रस्ताव
भारतीय संसदीय इतिहास में यह चौथा मौका है जब लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।
1954 में सोशलिस्ट सांसद विग्नेश्वर मिसिर ने स्पीकर जी.वी. मावलंकर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रस्ताव लाया था, जो बहस के बाद खारिज हो गया।
1966 में मधु लिमये ने स्पीकर हुकम सिंह के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, लेकिन पर्याप्त समर्थन न होने के कारण यह अस्वीकार कर दिया गया।
1987 में सोमनाथ चटर्जी ने स्पीकर बलराम जाखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे सदन ने खारिज कर दिया। (Parliament Budget Session)
सियासी टकराव तेज
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और बढ़ने के आसार हैं। (Parliament Budget Session)



