लेबनान पर इज़रायल के सबसे भीषण हमले, 250 से अधिक की मौत
इज़रायल ने लेबनान पर पिछले महीने हिज़्बुल्लाह के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। बुधवार को हुए इन हमलों में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 1,100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
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ये हमले ऐसे समय में हुए जब ईरान-समर्थित हिज़्बुल्लाह ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के संघर्ष-विराम के तहत अपने हमले रोक दिए थे। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में चल रहे शांति प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि लेबनान में संघर्ष-विराम, ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की एक अहम शर्त थी। वहीं राजधानी बेरुत में लगातार पांच धमाकों से जमीन हिल उठी और आसमान में धुएं के गुबार छा गए।
इज़रायली सेना के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा और समन्वित हमला था। सेना ने बताया कि बेरुत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में दस मिनट के भीतर हिज़्बुल्लाह के 100 से अधिक कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
लेबनान की नागरिक सुरक्षा सेवा के मुताबिक, पूरे देश में 254 लोगों की मौत हुई है, जिनमें सबसे ज्यादा 91 मौतें बेरुत में दर्ज की गईं। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने 182 मौतों की पुष्टि की है और कहा है कि अंतिम आंकड़े अभी आना बाकी हैं। यह इस युद्ध का अब तक का सबसे घातक दिन माना जा रहा है।
यह संघर्ष 2 मार्च को तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले के दो दिन बाद हिज़्बुल्लाह ने तेहरान के समर्थन में इज़रायल पर हमले किए। इसके जवाब में इज़रायल ने जमीन और हवा दोनों मोर्चों पर व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलों के बाद हालात बेहद भयावह हो गए। कई जगहों पर एम्बुलेंस की कमी के चलते लोग मोटरसाइकिलों से घायलों को अस्पताल पहुंचाते नजर आए। बेरुत के बड़े अस्पतालों में रक्त की भारी कमी हो गई है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इस हमले को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि संघर्ष-विराम के कुछ ही घंटों बाद इस तरह की तबाही विश्वास से परे है।
वहीं, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि लेबनान, ईरान के साथ हुए संघर्ष-विराम का हिस्सा नहीं है और हिज़्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई पूरी ताकत से जारी रहेगी।
उधर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्पष्ट किया कि लेबनान इस संघर्ष-विराम समझौते में शामिल नहीं है।



