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पश्चिम एशिया हालात पर केंद्र सरकार की हाई लेवल मीटिंग, आम लोगों को राहत देने के लिए कड़े इंतजाम

Third Meeting of IGOM: पश्चिम एशिया में चल रहे हालात को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी सिलसिले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की तीसरी अहम बैठक नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में आयोजित हुई। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। बैठक में रक्षा मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें और आपसी तालमेल बनाए रखें।

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रक्षा मंत्री ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी न हो और जरूरी सामान लोगों तक आसानी से पहुंचता रहे। सरकार ने बताया कि पिछले 40 दिनों में भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सबसे ज्यादा जहाज सुरक्षित निकाले हैं। 8 एलपीजी जहाज सफलतापूर्वक भारत पहुंचे। इनमें करीब 340 टीएम गैस थी, जो 11 दिनों की जरूरत के बराबर है। देशभर में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है और कहीं से भी कमी की शिकायत नहीं आई है। (Third Meeting of IGOM)

सरकार ने कमजोर वर्गों और प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, 5 किलो वाले मुफ्त गैस सिलेंडर की आपूर्ति दोगुनी कर दी गई है। सरकारी पेट्रोल पंपों पर ऑटो एलपीजी की सप्लाई जारी है। हालांकि निजी कंपनियों को कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जिससे सरकारी पंपों पर भीड़ बढ़ी है। सरकार ने 8 अप्रैल को फैसला लिया कि कुल एलपीजी सप्लाई का 70% हिस्सा उद्योगों को दिया जाएगा। इससे फार्मा, फूड, खेती, स्टील और रक्षा जैसे जरूरी सेक्टर बिना रुकावट काम कर सकेंगे। एलपीजी की खपत कम करने के लिए पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दिया जा रहा है। (Third Meeting of IGOM)

3.16 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए। 16,700 से ज्यादा लोगों ने LPG कनेक्शन सरेंडर किए। इससे साफ है कि लोग अब PNG की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार ने बताया कि देश में गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार है। पीडीएस के तहत गरीबों को अनाज मिलता रहेगा। जरूरत पड़ने पर बाजार में अतिरिक्त अनाज भी जारी किया जाएगा। सरकार देशभर के 578 केंद्रों से रोजाना 40 जरूरी चीजों की कीमतों पर नजर रख रही है। अभी तक किसी चीज की कीमत में बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है। सिर्फ खाद्य तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। खाद्य तेल की सप्लाई सामान्य है, इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्राजील जैसे देशों से आयात जारी है।

प्याज की कीमत नियंत्रण की तैयारी

सरसों उत्पादन बढ़ने से राहत मिलेगी। चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। 2025-26 में उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है। सरकार जल्द ही प्याज की बफर स्टॉक के लिए खरीद शुरू करेगी। इससे बाजार में कीमतें स्थिर रहेंगी। किसानों को भी उचित दाम मिलेगा। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। ऊर्जा, खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की चीजों की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और जरूरी फैसले लिए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों की जिंदगी पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। (Third Meeting of IGOM)

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