छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मैराथन बैठक, संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट, मंत्री नेताम ने कहा- पाला बदलने वाले हैं कांग्रेस विधायक

Marathon Meeting of Congress: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में एक के बाद एक कई अहम बैठकें लेकर संगठन, रणनीति और राजनीतिक हालात पर मंथन किया। इस दौरान उन्होंने विधायकों, जिलाध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ अलग-अलग चर्चा की और संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया। बैठक की खास बात यह रही कि सचिन पायलट ने विधायकों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। हर विधायक से करीब 15 मिनट तक बातचीत कर उनके विधानसभा क्षेत्र की स्थिति, राजनीतिक चुनौतियों और संगठन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ भी बैठक कर बूथ और ग्राम स्तर तक संगठन विस्तार की रणनीति बनाई गई।
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सूत्रों के मुताबिक इस पूरी कवायद के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है। हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बैठकों की शैली और अलग-अलग स्तर पर हो रही चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। बैठक में महिला आरक्षण बड़ा मुद्दा बनकर उभरा। सचिन पायलट ने कहा कि महिला आरक्षण कानून पास होने के बावजूद भाजपा इसे लागू करने में देरी कर रही है और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी में है और वार्ड से लेकर प्रदेश स्तर तक अभियान चलाकर भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई गई है। पार्टी घर-घर कांग्रेस अभियान के जरिए इसे जन-जन तक ले जाने की तैयारी में है।

वहीं कांग्रेस की इस सक्रियता पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के विधायक जल्द ही पाला बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेताओं को अपना भविष्य नजर नहीं आ रहा है और आने वाले चुनावी नतीजों के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी। उनके मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व के बार-बार दौरे इसी आशंका का संकेत हैं। नेताम के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के पास मोदी नाम की वॉशिंग मशीन है, जहां ईडी के जरिए दबाव बनाकर नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के अपने विधायक और कार्यकर्ता ही उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और आने वाले समय में कोई विधायक कांग्रेस में आ जाए इससे इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं गुंडरदेही से कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने बैठक को संगठनात्मक रूप से अहम बताते हुए कहा कि इसमें बूथ, पंचायत और ब्लॉक स्तर तक की समीक्षा की गई। साथ ही सरकार के खिलाफ रणनीति, आक्रामक रुख और जन मुद्दों को लेकर आगे की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि असली डर भाजपा में है। उन्हें लग रहा कहीं उनके विधायक पाला न बदल लें, क्योंकि कार्यकर्ता से लेकर आम जनता इनसे नाखुश हैं। दम है तो अभी चुनाव करा दे 10 सीट भी आ गया तो राजनीति छोड़ दूंगा। इधर, डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस अब जनता से दूर हो चुकी है और उसके अभियानों का कोई असर नहीं पड़ने वाला। (Marathon Meeting of Congress)

साव ने कहा कि कांग्रेस का न तो जनहित से सरोकार है और न ही जनता से जुड़ाव, इसलिए इन बैठकों का कोई राजनीतिक परिणाम नहीं निकलेगा। कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी दूर हो चुके हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस जहां संगठन को मजबूत करने और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों के जरिए भाजपा को घेरने की रणनीति बना रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस की इस सक्रियता को आंतरिक अस्थिरता से जोड़कर हमला कर रही है। आने वाले समय में यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दे रहा है, क्योंकि सबसे बड़ी बात यह निकलकर सामने आई है कि जब पायलट अंदर वन-टू-वन बैठकें ले रहे थे, तब PCC चीफ दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत बाहर के कमरे में इंतजार करते नजर आए। (Marathon Meeting of Congress)




