MGNREGA Work: अब मनरेगा से बायो-गैस संयंत्र भी किए जा सकेंगे स्थापित
MGNREGA Work: मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कार्यों के अंतर्गत अब गांवों में बायो-गैस संयंत्र भी स्थापित किए जा सकेंगे। भारत सरकार ने हितग्राहियों की निजी भूमि पर बनने वाले बायो-गैस संयंत्र की संपूर्ण लागत और सामुदायिक उपयोग के लिए स्थापित किए जाने वाले संयंत्रों में लेबर वर्क (मजदूरी लागत) को मनरेगा कार्यों में शामिल किया है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है।
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मनरेगा के अंतर्गत निजी भूमि में बायो-गैस संयंत्र की स्थापना के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमन्तू जनजाति, अधिसूचना से निकाली गई जनजातियां, सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना-2011 की सर्वे सूची में स्वत शामिल सूचकांक के आधार पर गरीब परिवार के रुप में शामिल है। ऐसे परिवार जो किसी न किसी वंचन सूचकांक में शामिल हैं, महिला मुखिया वाले परिवार, दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, भूमि सुधार के लाभार्थी, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासी (वन अधिकार मान्यता) अधिनियम-2006 के लाभार्थी, लघु एवं सीमांत किसान परिवार प्राथमिकता के क्रम में होंगे। (MGNREGA Work)
मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित
वहीं बीते 2 महीने से रायपुर में चल रही मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित करने की घोषणा कर दी गई है। फिलहाल ये हड़ताल 3 महीने के लिए स्थगित की गई है। बता दें कि कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा मनरेगा कर्मचारियों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री कवासी लखमा ने कहा है कि रोजगार गारंटी में काम करने वाले कोई भी बड़े घर के लोग नहीं हैं।
मनरेगा योजना क्या है
मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण भारत में निवास करने वाले गरीब और कमजोर आय वर्ग के परिवारों को 100 दिनों की रोजगार प्रदान करना है ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। विकास कार्य के साथ साथ आर्थिक मजबूती प्रदान करना। ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार प्रदान करना जिससे रोजगार हेतु अन्य शहरों में होने वाले पलायन को रोका जा सकें। (MGNREGA Work)



