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UAE में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- संवाद और कूटनीति ही समस्याओं का सबसे बेहतर समाधान

Modi Sheikh Mohammed Meet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी। दोनों नेताओं की उपस्थिति में भारत और UAE ने MoU का आदान-प्रदान किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE के राष्ट्रपति से कहा कि मैं फोन पर आपसे बात करता रहता था, लेकिन मैं पिछले कुछ समय से आपसे मिलने के लिए बहुत बेताब था। आज आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई है। UAE पर हुए हमलों की हम कठोर निंदा करते हैं। UAE को जिस तरह से निशाना बनाया गया, यह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। इन कठिन परिस्थितियों में आपने जिस संयम, साहस का परिचय दिखाया है, यह बहुत ही सराहनीय है।

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PM मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध की परिस्थिति का प्रभाव आज पूरे विश्व पर दिखाई दे रहा है। भारत ने हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी है। भारत हर परिस्थिति में UAE के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। जल्द से जल्द शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। हम आने वाले समय में हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि मैं अपने भाई, UAE के राष्ट्रपति HH शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान का अबू धाबी हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के इस विशेष भाव के लिए धन्यवाद करता हूं। मेरी उनके साथ मेरी बहुत अच्छी बातचीत हुई। 

PM मोदी ने आगे कहा कि हमने UAE पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा दोहराई। साथ ही, मैंने अपने भाई के नेतृत्व, साहस और समझदारी की भी सराहना की, जो इस पूरे दौर में साफ तौर पर दिखाई दी है। UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति उनकी देखभाल और चिंता के लिए मैंने उनका आभार व्यक्त किया। PM मोदी ने ट्वीट किया कि मैंने अपने भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। मुझे विश्वास है कि इस यात्रा के परिणाम हमारी दोस्ती को और मजबूत करेंगे और विकास-समृद्धि में योगदान देंगे। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मित्रता बहुत मजबूत है।

उन्होंने कहा कि हमारे देश मिलकर इस ग्रह के लिए एक बेहतर भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से काम करते रहेंगे। यूएई की इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, रक्षा, अवसंरचना, जहाजरानी और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिससे भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में यूएई ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की। इससे आर्थिक संबंध और भी मजबूत होंगे। मैंने अपने भाई के नेतृत्व, साहस और बुद्धिमत्ता के प्रति भी अपनी प्रशंसा व्यक्त की। ये गुण इस पूरे दौर में स्पष्ट रूप से प्रकट हुए हैं। साथ ही मैंने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति महामहिम द्वारा दिखाए गए स्नेह और ध्यान के लिए आभार व्यक्त किया। भारत और UAE की यह मुलाकात सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भरोसे, साझेदारी और रणनीतिक सहयोग की नई तस्वीर बनकर सामने आई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों की यह एकजुटता आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सहयोग को नई दिशा दे सकती है। 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबू धाबी से नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे डच नेतृत्व के साथ व्यापार, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और यूरोप में भारतीय निवेश एवं तकनीकी सहयोग को विस्तार देने पर भी जोर रहेगा। इसके बाद स्वीडन पहुंचेंगे, जहां नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में सहयोग बढ़ाने को लेकर बैठकें करेंगे। इसके अलावा रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। फिर नॉर्वे जाएंगे, जहां ब्लू इकोनॉमी, समुद्री सुरक्षा, आर्कटिक नीति और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दोनों देश जलवायु परिवर्तन से निपटने, समुद्री व्यापार और ग्रीन शिपिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार करेंगे। आखिर में इटली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय नेताओं के साथ रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को लेकर अहम वार्ता करेंगे। इसके साथ ही वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। (Modi Sheikh Mohammed Meet)

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