अबूझमाड़ बना नक्सलियों के लिए काल, 2025 में मारे गए 9 बड़े नक्सली लीडर, अंतिम चरण में आंदोलन

Naxalites in Bastar: नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने नक्सली संगठन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े दो कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया है। इन नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 60 लाख रुपए का इनाम था। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई नक्सली संगठन की रीढ़ को कमजोर करने वाली रणनीति का हिस्सा है, जिससे बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की उम्मीद और मजबूत हुई है। बता दें कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच फरसबेड़ा और तोयामेटा के घने जंगलों में 22 सितंबर 2025 को मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में नक्सलियों के केंद्रीय समिति के दो वरिष्ठ सदस्य राजू दादा उर्फ रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी मारे गए। इन दोनों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 40-40 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।
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बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि पुलिस और सुरक्षाबलों को खुफिया इनपुट मिला था कि कुछ शीर्ष नक्सली नेता महाराष्ट्र सीमा से लगे अबूझमाड़ क्षेत्र में गुप्त बैठक करने वाले हैं। इसके बाद एक विशेष ऑपरेशन टीम को भेजा गया, जिसमें DRG, STF और CRPF के जवान शामिल थे। तीन दिनों तक चले ट्रैकिंग ऑपरेशन के बाद फरसबेड़ा और तोयामेटा के जंगलों में मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों शीर्ष नक्सली मार गिराए गए। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से आधुनिक हथियार, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। रामचंद्र रेड्डी राजू दादा पर 1.80 करोड़ और कादरी सत्यनारायण रेड्डी कोसा दादा पर भी 1.80 करोड़ का इनाम घोषित था। दोनों नक्सली तेलंगाना के निवासी थे और पिछले दो दशकों से नक्सली आंदोलन की कमांडिंग पोजिशन में थे। (Naxalites in Bastar)
अब तक 9 शीर्ष नक्सली नेता ढेर: IG
दोनों नक्सली सेंट्रल कमेटी के सक्रिय सदस्य थे, जो संगठन की रणनीति, वित्त, और सैन्य योजनाओं में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। इन दोनों के मारे जाने से नक्सली संगठन की रीढ़ मानी जाने वाली पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी की ताकत बुरी तरह से कमजोर हो गई है। सुरक्षाबलों के मुताबिक यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही रणनीति का हिस्सा थी। बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी ने बताया कि साल 2025 में अब तक हमने 9 शीर्ष नक्सली नेताओं को मार गिराया है, जिनमें नक्सल महासचिव बसरावाराजू भी शामिल हैं। हमारी कोशिश है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए। (Naxalites in Bastar)
चार दशक बाद बदले अबूझमाड़ के हालात
IG ने आगे बताया कि कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाला अबूझमाड़ अब उनके लिए मौत का मैदान बन चुका है। सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सलियों के सभी सुरक्षित ठिकानों को छिन्न-भिन्न कर दिया है। कभी लाल आतंक के नाम से बदनाम रहा अबूझमाड़ अब तेजी से बदल रहा है। ग्रामीण जो पहले डर और खौफ में जीने को मजबूर थे, अब सुरक्षाबलों की उपस्थिति से राहत की सांस ले रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में सुरक्षाबलों ने कई बड़ी सफलताएं अर्जित की हैं, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति की उम्मीद जगी है। (Naxalites in Bastar)
संगठन में बचे सिर्फ 9 वरिष्ठ नक्सली
IG सुंदरराज के मुताबिक 2018 में सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो में 18-19 सक्रिय सदस्य थे। अब तक 9 नक्सली मारे जा चुके हैं। जबकि एक नक्सली लीडर सुजाता ने सरेंडर कर दिया है। ऐसे में अब संगठन में सिर्फ 9 वरिष्ठ नक्सली ही बचे हैं। IG ने कहा कि अब नक्सल संगठन नेतृत्वहीन हो चुका है। उनके पास हथियारों की कमी है और नई भर्ती की कोशिशें भी नाकाम हो रही हैं।
पोलित ब्यूरो- देवजी, गणपति, सोनू, बिसीर मिश्रा
सेंट्रल कमेटी- चन्द्रनना, गणेश उइके, संग्राम, रामदेर, मांडवी हिड़मा
जनवरी 2024 से अब तक 437 नक्सली ढेर
बस्तर रेंज में जनवरी 2024 से अब तक 437 नक्सली मारे जा चुके हैं, जो सुरक्षाबलों की लगातार हो रही सघन कार्रवाई का परिणाम है। इससे नक्सलियों के मनोबल पर भारी असर पड़ा है और वे अब बचाव की मुद्रा में आ चुके हैं। IG सुंदरराज पी ने बचे हुए नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति बेहद संवेदनशील और मानवीय है। आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। जीवनयापन और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाएगी।

IG ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र अब शांति और विकास की नई राह पर तेजी से अग्रसर है। अबूझमाड़ में हुई यह मुठभेड़ नक्सलवाद के विरुद्ध एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। दो दशक तक संगठन चलाने वाले दो शीर्ष कमांडरों की मौत से न सिर्फ आंतरिक ढांचा चरमरा गया है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट संकेत मिला है कि बस्तर में नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। (Naxalites in Bastar)



