Svamitva Scheme : PM मोदी ने दी बड़ी सौगात, ‘स्वामित्व योजना’ के तहत बांटे 65 लाख संपत्ति कार्ड, पढ़े पूरी खबर
Svamitva Scheme : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 65 लाख से ज्यादा परिवारों को स्वामित्व कार्ड बांटे. इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से आर्थिक गतिविधि का रास्ता खुलेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन देश के गांवों के लिए, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही ऐतिहासिक है. गांव की व्यवस्था में यह स्कीम मील का पत्थर साबित होगा.
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स्वामित्व योजना (Svamitva Scheme) ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में अहम है. पांच साल पहले स्वामित्व योजना शुरू की गई थी ताकि गांवों में रहने वालों का उनका कानूनी प्रमाण दिया जा सके. बीते 5 साल में लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को ये स्वामित्व कार्ड दिए गए हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारी सरकार पूरी ईमानदारी से ग्राम स्वराज को जमीन पर उतारने का प्रयास कर रही है. स्वामित्व योजना से गांव के विकास की प्लानिंग और उस पर अमल अब काफी बेहतर हो रहा है. पहले की सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए. इसलिए 2014 में जब हमारी सरकार बनी, तो हमने प्रॉपर्टी के कागज की इस चुनौती से निपटने को ठानी और हमने स्वामित्व योजना शुरू की.
UN के प्रॉपर्टी राइट्स अध्ययन का जिक्र
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र (UN) के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, ‘दुनिया के कई देशों में गरीबी दूर करने के लिए प्रॉपर्टी राइट्स (Properties Right) को अहम बताया गया है। हमने इस दिशा में सवा 2 करोड़ दस्तावेज बांटकर बड़ा कदम उठाया है। पहले ग्रामीणों के पास उनकी संपत्ति के पक्के दस्तावेज नहीं थे। इसकी पजह से लाखों-करोड़ों की संपत्ति रहने के बाद भी उसकी कीमत नहीं थी। इसकी वजह से घरों के मालिकाना हक को लेकर विवाद होते थे। कई बार दबंग मकानों पर कब्जा कर लिया करते थे। बैंक से भी लाेग नहीं मिल पाता था। ऐसा कई दशकों तक होता रहा। लेकिन हमारी पहल से अब गांव के लोगों के पास भी संपत्ति के दस्तावेज मिल गए हैं, जिससे उनका फायदा हुआ है।
ड्रोन तकनीक से गांवों का सर्वेक्षण
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में जब हमारी सरकार आई तो हमने इस मुद्दे से निपटने का ठाना। कोई भी सरकार गांव में रहने वाले अपने लोगों को ऐसी परेशानी में नहीं छोड़ सकती थी। ऐसे में हमने यह योजना शुरू की। तय किया कि गांव के घर-जमीनों की ड्रोन मैपिंग शुरू की जाएगी और सभी को संपत्ति के दस्तावेज दिए जाएंगे। स्वामित्व योजना के तहत देश के 6 लाख से ज्यादा गांवों में ड्रोन के जरिए जमीन और घरों की मैपिंग की जा रही है। अब तक आधे से ज्यादा गांवों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस योजना ने ग्रामीणों को न केवल कानूनी सुरक्षा दी है बल्कि उन्हें अपनी संपत्ति के जरिए लोन लेकर छोटे-बड़े व्यापार शुरू करने का मौका भी दिया है।
आर्थिक गतिविधियों का रास्ता खुलेगा
पीएम मोदी ने कहा कि जमीनों के दस्तावेज बनने के बाद देश में 100 लाख करोड़ से ज्यादा की आर्थिक गतिविधियों का रास्ता खुल जाएगा। प्रॉपर्टी कार्ड के जरिए जमीनों को एक खास पहचान दी गई है। देश में करीब 23 करोड़ भू-आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं। इसकी मदद से आसानी से यह पता किया जा सकता है कि कौन सा प्लॉट किस व्यक्ति का है। हर प्लॉट की पहचान करना आसान हो गया है। बीते 8 साल में करीब 98 प्रतिशत लैंड रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण भी पूरा हो चुका है।
गांवों की कनेक्टिविटी और विकास पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार सीमांत गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। वाइब्रेंट योजना के तहत 2 लाख से ज्यादा पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा गया है। 5 लाख से ज्यादा नए कॉमन सर्विस सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए 12 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई है।
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को लाभ
स्वामित्व योजना (Svamitva Scheme) के तहत अब तक 3 लाख से अधिक गांवों में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। 1 लाख 44 हजार से अधिक कार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 1 लाख 13 हजार से ज्यादा कार्ड बांटे जा चुके हैं। इस योजना ने ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक देकर विवादों को कम किया है और बैंकों से लोन लेना आसान बनाया है।



