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PM मोदी 9 साल बाद पहुंचे नीदरलैंड, टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर साझेदारी पर रहेगा फोकस

PM Modi Netherlands Tour: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 साल बाद नीदरलैंड पहुंचे हैं। 15 से 17 मई तक चलने वाला यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस दौरान PM मोदी की मुलाकात नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ से होगी, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार, सेमीकंडक्टर, हाई-टेक इंडस्ट्री, ग्रीन एनर्जी, वाटर मैनेजमेंट और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सेमीकंडक्टर और हाई-टेक टेक्नोलॉजी को माना जा रहा है। भारत फिलहाल अपनी चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है और इसी दिशा में डच कंपनियों के साथ साझेदारी को अहम माना जा रहा है।

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खासतौर पर ASML पर भारत की नजर है। यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी और उन्नत चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच भविष्य में चिप निर्माण, रिसर्च और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर सहयोग मजबूत हो सकता है। भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापारिक संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।भारत से नीदरलैंड को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ऑर्गेनिक केमिकल्स, कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, स्टील और एल्यूमिनियम उत्पादों का निर्यात किया जाता है। वहीं नीदरलैंड से भारत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, मेडिकल और वैज्ञानिक उपकरण, मशीनरी, प्लास्टिक रॉ मटेरियल, केमिकल्स और डेयरी मशीनरी आयात करता है। (PM Modi Netherlands Tour)

ग्रीन एनर्जी, बंदरगाह और कृषि तकनीक में सहयोग

नीदरलैंड भारत में निवेश करने वाले प्रमुख देशों में भी शामिल है। इस दौरे के दौरान नई निवेश योजनाओं और व्यापारिक समझौतों पर बातचीत होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच बंदरगाह विकास, लॉजिस्टिक्स, कृषि तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी है। नीदरलैंड आधुनिक खेती और वाटर मैनेजमेंट तकनीकों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। भारत इन क्षेत्रों में डच अनुभव और तकनीक का लाभ उठाना चाहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है।

राजा और रानी से भी करेंगे मुलाकात

PM मोदी इस दौरे के दौरान नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में आधिकारिक कार्यक्रम और भोज का आयोजन किया जाएगा। PM मोदी इससे पहले 2017 में नीदरलैंड गए थे। उस समय उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्क रुटे के साथ व्यापार, जल प्रबंधन, टेक्नोलॉजी और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा की थी। इसी साल नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ भारत दौरे पर आए थे, जहां दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि PM मोदी का यह दौरा सिर्फ एक सामान्य विदेश यात्रा नहीं, बल्कि यूरोप में भारत की नई रणनीतिक नीति का हिस्सा है। (PM Modi Netherlands Tour)

रॉटरडैम पोर्ट के जरिए पूरे यूरोप में व्यापारिक पहुंच संभव

रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन संकट के बाद भारत यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक और तकनीकी रिश्ते मजबूत करने पर जोर दे रहा है। नीदरलैंड को यूरोप का बड़ा व्यापारिक केंद्र माना जाता है। खासतौर पर रॉटरडैम पोर्ट के जरिए पूरे यूरोप में व्यापारिक पहुंच संभव होती है। ऐसे में भारत के लिए नीदरलैंड की रणनीतिक और आर्थिक अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी का यह नीदरलैंड दौरा भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों की नई तस्वीर पेश करता है। तकनीक, सेमीकंडक्टर, व्यापार, हरित ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बना सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यात्रा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक भूमिका को भी दर्शाती है।

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