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रायपुर में रिकॉर्ड टैक्स वसूली, 31 मार्च को 7,912 करदाताओं ने जमा किए 8.17 करोड़

Record Tax Collection: रायपुर में वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन संपत्ति कर जमा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नगर निगम के सभी 10 जोनों के राजस्व कार्यालयों में सुबह से लेकर देर रात तक टैक्स जमा करने का सिलसिला जारी रहा। खास बात यह रही कि महावीर जयंती के अवकाश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने बकाया कर का भुगतान किया। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च को सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक कुल 7,912 करदाताओं ने लगभग 8.17 करोड़ रुपए का संपत्ति कर जमा किया। वसूली में जोन-2 की टीम सबसे आगे रही, जिसने अन्य जोनों की तुलना में करीब 3 करोड़ रुपए ज्यादा वसूली दर्ज की।

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वहीं जोन-5 ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए करीब 2.75 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली की, जबकि जोन-4 ने 2.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली कर अहम योगदान दिया। इस रिकॉर्ड वसूली के पीछे नगर निगम प्रशासन की सख्ती भी एक बड़ा कारण रही। दिनभर अलग-अलग वार्डों में बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही। दुकानों को सील करने और बकाया कर न चुकाने वाले मकानों के नल कनेक्शन काटने जैसी कड़ी कार्रवाई की गई, जिससे करदाताओं में तत्परता देखने को मिली। इसी बीच पहले से सील किए गए होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और शैलेन्द्र नगर प्रबंधन ने भी बकाया राशि आरटीजीएस के माध्यम से जमा कर दी। (Record Tax Collection)

प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की तारीख बढ़ी

साल 2008 से 2026 तक का पूरा कर चुकाने के बाद नगर निगम ने दोनों संस्थानों से सील हटाने की प्रक्रिया पूरी कर दी। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि बकायेदारों के खिलाफ आगे भी सख्ती जारी रहेगी और समय पर कर भुगतान को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं नगरीय निकायों में संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तारीख अब बढ़ा दी गई है। लोग अब 30 अप्रैल तक बिना अतिरिक्त शुल्क के टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके बाद भुगतान करने पर 17 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा। राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा नहीं होने के चलते सभी निकायों को 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। नगर निगम ने अप्रैल माह के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है।

निगम का नया एक्शन प्लान तैयार

नगर निगम ने अप्रैल माह के लिए विशेष रणनीति बनाते हुए 30 अप्रैल तक अतिरिक्त 35 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए फील्ड स्तर पर टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और वार्डवार मॉनिटरिंग की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक नगर निगम ने कुल 350 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली दर्ज की, जो पिछले सालों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है और इसमें अंतिम दिनों की तेज वसूली का बड़ा योगदान रहा। कुल वसूली में से लगभग 240 करोड़ रुपए सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में प्राप्त हुए, जिससे साफ है कि नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत संपत्ति कर ही बना हुआ है और इसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। (Record Tax Collection)

बकायेदारों पर सीलबंदी की कार्रवाई

नगर निगम की ओर से बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी दुकानों और संपत्तियों को सील किया जा रहा है, साथ ही टैक्स नहीं चुकाने वालों के घरों के पानी के नल कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भुगतान को लेकर दबाव बना है। नगर निगम का कुल लक्ष्य 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली का है, जिसे हासिल करने के लिए अप्रैल महीने में विशेष अभियान, सघन जांच, नोटिस जारी करने और ऑन-ग्राउंड एक्शन को और तेज किया जाएगा, ताकि बचे बकाया राशि जल्द से जल्द वसूल की जा सके। रायपुर में संपत्ति कर वसूली को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सख्ती और जागरूकता के चलते रिकॉर्ड वसूली हुई है, वहीं समय-सीमा बढ़ाकर आम लोगों को राहत भी दी गई है। आने वाले दिनों में नगर निगम का अभियान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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