SIR पर बंगाल में हंगामा: ममता बनर्जी के आरोपों पर BJP का तीखा पलटवार
बीजेपी बोली -SIR से उजागर होगी ममता की वोट बैंक राजनीति

SIR In West Bengal : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। गुरुवार को उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि SIR की मौजूदा प्रक्रिया “अनियोजित और जबरन थोपे” गए तरीके से चलाई जा रही है, जिससे राज्य के नागरिकों और अधिकारियों दोनों को जोखिम में डाला जा रहा है।
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BJP का ममता पर वार—‘अराजकता की प्रतीक, घुसपैठियों पर राजनीति’
इसी बीच, शुक्रवार को बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“ममता बनर्जी अराजकता और गुंडागर्दी की प्रतीक बन चुकी हैं। उन्हें लगता है कि घुसपैठियों के वोट के सहारे बंगाल की सत्ता चलती रहेगी। SIR शुरू होते ही हज़ारों घुसपैठिए लौट रहे हैं, इसलिए ममता बनर्जी दुखी हैं।”
भाटिया ने दावा किया कि SIR के बाद ममता सरकार की “वोट बैंक राजनीति उजागर हो जाएगी” और यही उनके डर की असली वजह है।
‘देश संविधान से चलता है’- BJP
भाटिया ने आगे कहा कि संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को पूरी शक्ति देता है।
उन्होंने कहा:
अगर चुनाव आयोग ने बंगाल में SIR लागू करने का निर्णय लिया है, तो यह हर हाल में होगा। ममता बनर्जी को डर है कि SIR के बाद उनकी सरकार चली जाएगी—और यह डर सही है। (SIR In West Bengal)
ममता बनर्जी का आयोग को पत्र—‘बिना तैयारी का अभियान, नागरिक खतरे में’
मुख्यमंत्री ने CEC को लिखे पत्र में कहा कि वह “मजबूर होकर” शिकायत कर रही हैं क्योंकि राज्य में स्थिति “बिगड़ रही है”।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा:
- SIR को बिना किसी बुनियादी तैयारी और स्पष्ट योजना के लागू किया जा रहा है।
- अधिकारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
- दस्तावेजों को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है।
- BLO द्वारा कार्यस्थल पर लोगों से मिलना लगभग “असंभव” हो गया है।
- पूरी प्रक्रिया “संरचनात्मक रूप से कमजोर” और “अव्यवस्थित” है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि SIR को जिस तेजी से “थोपा” जा रहा है, उससे अव्यवस्था फैली है और नागरिकों की सुरक्षा पर भी प्रश्न खड़े हो गए हैं। (SIR In West Bengal)




