छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत, बिलासपुर हाईकोर्ट ने दी जमानत

Saumya Chaurasia Gets Bail: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को बिलासपुर हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिससे उनका जेल से बाहर आना फिलहाल सीधे संभव नहीं है। सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। लंबी जेल अवधि के बाद सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके दो महीने बाद ही शराब घोटाला केस में उन्हें ED और EOW ने गिरफ्तार किया। सौम्या के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने बताया कि हाईकोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी है। शर्त यह है कि जिस दिन इस केस में चार्जशीट पेश होगी, उसी दिन उन्हें जेल से रिहाई मिल जाएगी।
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वकील के मुताबिक यह प्रक्रिया लगभग 45 दिन में पूरी हो जाएगी। बता दें कि सौम्या चौरसिया की कुल आय 89.19 लाख रुपए है, जबकि उनकी संपत्ति 27.41 करोड़ रुपए है। उनके पति सौरभ की नौकरी से 60.27 लाख रुपए की आय है, लेकिन संपत्ति 9.08 करोड़ रुपए की है। इसी तरह मां शांति देवी की पेंशन से 24.48 लाख रुपए की आय है। जबकि 27.68 करोड़ रुपए की संपत्ति है और बेटे अनुराग के कारोबारी से 26.33 लाख रुपए की आय और 12.66 करोड़ रुपए की संपत्ति दर्ज है। 2018-2022 में मां शांति देवी के नाम पर 28 प्रॉपर्टी खरीदी गई। बहन सौरभी पटेल के ससुर मनसुख लाल पटेल के नाम पर धरसींवा और वालफोर्ट में जमीन खरीदी। कोरबा सतरेंगा में रिसॉर्ट बनाने के लिए 2.40 एकड़ जमीन 2.36 करोड़ में खरीदी। (Saumya Chaurasia Gets Bail)
हाईकोर्ट से पहले सुप्रीम कोर्ट का रूख
अजगरबहार में आदिवासी से 8 एकड़ जमीन खरीदी। इस तरह सौम्या चौरसिया ने लगभग 45 करोड़ रुपए से अधिक की बेनामी संपत्तियां बनाई। सौम्या ने गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को उन्हें हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट में सौम्या ने ईडी और ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दो याचिकाएं दायर कीं। उनके वकील ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियां राजनीतिक षड्यंत्र के तहत बार-बार नई FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी कर रही हैं। याचिका में बताया गया कि अब तक उन्हें छह बार हिरासत में लिया जा चुका है। (Saumya Chaurasia Gets Bail)
20 फरवरी को हुई थी हाईकोर्ट में सुनवाई
पिछले दिनों केस की सुनवाई हाईकोर्ट के सिंगल बेंच में हुई। राज्य शासन ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया था। 20 फरवरी को सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और आज आदेश जारी किया। वकील हर्षवर्धन परगनिहा के मुताबिक EOW में यह शर्त रखी गई है कि जिस दिन चार्जशीट प्रस्तुत होगी, सौम्या को बेल मिल जाएगी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED की जांच में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ था। इसके बाद ACB में FIR दर्ज की गई। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी शामिल थे। ED के अनुसार तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट ने घोटाला किया। एजेंसी ने दावा किया कि चैतन्य बघेल इस सिंडिकेट के प्रमुख थे और लगभग 1000 करोड़ रुपए की राशि संभाली।



