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घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना से परेशान महिला ने किया सुसाइड, तनाव और अकेलेपन में युवक ने दी जान

Suicide in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से दो दुखद घटना सामने आई है, जिनमें एक महिला और एक युवक ने अपने जीवन का अंत कर लिया। घटनाओं ने घरेलू हिंसा, मानसिक तनाव और अकेलापन के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। पहला मामला जगदलपुर के करपावंड थाना क्षेत्र का है, जहां सृष्टि उर्फ प्रिया गुप्ता ने अपने पिता को सुसाइड नोट लिखने के बाद घर की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। महिला ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसे ससुराल में लगातार मारपीट और दहेज के लिए प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी। महिला ने यह भी लिखा कि उसकी तबियत अक्सर खराब रहती थी, लेकिन पति और ससुराल वाले उसे डॉक्टर के पास नहीं ले जाते थे।

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महिला ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह मानसिक रूप से थक चुकी हैं और उन्हें ससुराल से कोई प्यार और सहारा नहीं मिलता। उन्होंने अपने पिता को चिंता न करने और अपना ख्याल रखने के लिए भी कहा। 15 अक्टूबर की सुबह प्रिया ने अपने घर की छत से छलांग लगाई। परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती दौर में ससुराल पक्ष ने इसे सामान्य घटना बताने की कोशिश की, लेकिन सुसाइड नोट के मिलने के बाद पुलिस अब इसे घरेलू हिंसा और हत्या के एंगल से देख रही है। (Suicide in Chhattisgarh)

तनाव और अकेलेपन में युवक ने दी जान

महिला की शादी करीब 11 साल पहले बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली प्रिया गुप्ता की सतेंद्र गुप्ता से हुई थी। सतेंद्र गुप्ता करपावंड के व्यापारी हैं। पुलिस ने 26 अक्टूबर को सतेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। महिला के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया और अब न्याय की उम्मीद सिर्फ पुलिस से है। इधर, राजनांदगांव के नामी होटल में एक युवक ने अपनी जान ले ली। मृतक की पहचान शुभम देवांगन के रूप में हुई, जो मोहला-मानपुर जिले के अंबागढ़ चौकी का रहने वाला था। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट और विषैले पदार्थ की बोतल बरामद की है।

दो दिन से होटल में ठहरा था मृतक

बता दें कि शुभम दो दिन पहले होटल में अकेले ठहरा था। होटल स्टाफ ने बताया कि युवक शांत स्वभाव का था और अपने कमरे में अधिकतर समय अकेले ही रहा। तीसरे दिन होटल के कमरे का दरवाजा बंद मिला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद स्टाफ ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचने पर कमरे के अंदर शुभम का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। शुभम ने सुसाइड नोट में अपनी मां से माफी मांगी और लिखा कि वह तनाव और अकेलेपन के कारण अब और नहीं जी सकता। नोट से पता चलता है कि उसने किसी को परेशान किए बिना अपनी परेशानी का हल यह मान लिया। (Suicide in Chhattisgarh)

डॉक्टर या दोस्त से मदद लेना जरूरी

ASP राहुल देव शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और अकेलेपन पर ध्यान न देने के गंभीर परिणाम को दिखाती है। तनाव, डिप्रेशन या किसी भी मानसिक समस्या के दौरान परिवार, मित्र और पेशेवर मदद लेना जरूरी है। सुसाइड नोट से यह स्पष्ट है कि कई बार व्यक्ति अपने दिल की तकलीफ साझा नहीं करता और गलत कदम उठा लेता है। परिवार और समाज को हमेशा अपने युवाओं और परिचितों के मानसिक स्वास्थ्य पर नजर रखनी चाहिए। किसी व्यक्ति के असामान्य व्यवहार या अचानक उदासी की पहचान करके समय पर मदद उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। अगर कोई मानसिक तनाव में है तो तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर, डॉक्टर या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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