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Triples Pregnancy: बलौदाबाजार की इस महिला ने दिया एक साथ 3 बच्चों को जन्म, चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल की टीम ने कराया सफल प्रसव

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Triples Pregnancy: बलौदाबाजार के खर्वे गांव की रहने वाली दिलकुमारी जयसवाल ने एक साथ 3 बच्चों को जन्म दिया है, जिसका सफल प्रसव चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल की टीम ने कराया है। दरअसल, दिलहरण जयसवाल की पत्नी दिलकुमारी जयसवाल को गर्भावस्था के तीसरे माह की सोनोग्राफी में पता चला की उसके गर्भ में 3 भ्रूण पल रहे हैं, जो कि 10 हजार में से किसी एक महिला में पाया जाता है, जिसे ट्रिपल गर्भावस्था (Triples Pregnancy) कहा जाता है। ट्रिपल गर्भावस्था (Triples Pregnancy) एक उच्च जोखिम की गर्भवस्था होती है, जिसमें महिलाओं को शुरुआती पांच महीने में ही गर्भपात होने की संभावना रहती है। मरीज दिलकुमारी जयसवाल के पति उसे प्राथमिक इलाज के लिए चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल ले गए, जहां उनका शुरुआत से ही इलाज चला।

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दिलकुमारी जयसवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतिका शंकर तिवारी की सतत निगरानी में रही, जिससे गर्भ को 9 माह तक ले जाया गया, लेकिन 9वें माह की शुरुआत में ही मरीज गंभीर प्री-एक्लेमप्सिया (Severe Pre-Eclampsia) यानी गर्भावस्था में रक्तचाप के बढ़ने की बीमारी से ग्रसित हो गई। ये बीमारी 8% महिलाओं में पाए जाने वाली एक गंभीर बीमारी है, जिसमें लगभग 10-23% महिलाओं की जान गर्भावस्था में ही चली जाती है। इस जटिलताओं को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तत्काल सर्जरी करके बच्चों को गर्भ से निकालने का फैसला लिया। बता दें कि गर्भ मात्र 8 माह का पूरा हुआ था, जिसके कारण नवजात शिशुओं को तत्काल नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) की जरुरत थी। (Triples Pregnancy)

डॉक्टर राहुल देव

डॉ. राहुल देव की निगरानी में हुई डिलीवरी

ऑपरेशन के बाद तीनों बच्चों को अनुभवी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल देव की निगरानी में चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल के ही नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में रखा गया। डॉ. राहुल देव ने बताया कि तीनों बच्चों के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे। उनके वजन भी सामान्यत कम था। तीनों शिशुओं को डॉक्टरों की भरपूर प्रयास से बचा लिया गया। 15 दिनों के बाद छुट्टी दे दिया गया। मरीज मां को भी ऑपरेशन के बाद ICU में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया और ऑपरेशन के 8वें दिन स्वस्थ अवस्था में छुट्टी कर दिया गया।

डॉक्टर गीतिका शंकर तिवारी

इन्होंने डिलीवरी को बनाया सफल

सच ही कहा जाता है कि डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। ये बात एक बार फिर से सिटी कोतवाली के सामने बलौदाबाजार स्थित चंदा देवी तिवारी हॉस्पिटल में साबित हुआ है, जहां मरीज दिलकुमारी जयसवाल का गर्भावस्था के ऑपरेशन के बाद एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन-तीन स्वस्थ नवजात शिशुओं का जन्म हुआ। ऑपरेशन के दौरान उपलब्ध डॉक्टरों की टीम में डॉ. गीतिका शंकर तिवारी ( एम.डी. स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. नितिन तिवारी (एम.एस. सर्जन), डॉ. अंकित जैपुरिअर (जनरल सर्जन), डॉ. राहुल देव (शिशु रोग विशेषज्ञ) और डॉ. ऋत्विक रायज़ादा (एम डी, क्रिटिकल केयर विभाग) शामिल थे, जिन्होंने दिलकुमारी जयसवाल की डिलीवरी को सफल बनाया।

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