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इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ: भाजपा ने मनाया ‘संविधान हत्या दिवस’, शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Emergency 50th Anniversary : भारत में 1975 को लगाए गए आपातकाल के 50 वर्ष (Emergency 50th Anniversary) पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए सोमवार को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया। इस अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए और आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया।

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हमें लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना है : एस. जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “संविधान हत्या दिवस पर हम स्वतंत्र भारत के इतिहास के एक दर्दनाक अध्याय को याद करते हैं, जब संस्थाओं को कमजोर किया गया, अधिकारों को निलंबित कर दिया गया और जवाबदेही को दरकिनार कर दिया गया। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है कि हमें संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी है और भारतीय लोकतंत्र की मजबूती को बनाए रखना है।

राजनाथ सिंह ने कहा: “तानाशाही का प्रतीक था आपातकाल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25 जून 1975 को लागू आपातकाल को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए लिखा:- आज से पचास साल पहले भारतीय लोकतंत्र का गला घोंटने का कुत्सित प्रयास हुआ। आपातकाल सत्ता के दुरुपयोग और तानाशाही का बहुत बड़ा उदाहरण था। संविधान को दरकिनार कर देश पर जबरन आपातकाल थोपा गया। विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया, प्रेस की आजादी छीनी गई।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल जाने वालों का योगदान भारत की आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं भूलेंगी।

अमित शाह ने कहा: “यह अन्यायकाल था, कांग्रेस की सत्ता-भूख का परिणाम”

गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा: – आपातकाल कांग्रेस की सत्ता की भूख का ‘अन्यायकाल’ था। प्रेस की स्वतंत्रता कुचली गई, न्यायपालिका के हाथ बांध दिए गए और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया। 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का उद्देश्य है कि नई पीढ़ी उस अंधकारमय काल से परिचित हो सके।

विष्णु देव साय का हमला: “गांधी परिवार का इतिहास लोकतंत्र विरोधी”

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में कहा कि “25 जून 1975 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल थोप कर लोकतंत्र का अपमान किया। भाजपा इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाती है।”
साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, “उनकी बयानबाजी को कोई गंभीरता से नहीं लेता।”

क्यों याद किया जाता है 25 जून?

25 जून 1975 की रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा की गई थी, जो 21 महीने तक चला। इस दौरान मौलिक अधिकार निलंबित किए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगी और हजारों विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया। आपातकाल को लेकर आज भी भारतीय राजनीति में तीखी बहस होती है, और भाजपा इसे लोकतंत्र की हत्या मानती है। (Emergency 50th Anniversary)

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