Google Analytics —— Meta Pixel

Sawan Somvar 2025: श्रावण के पहले सोमवार पर उज्जैन में बाबा महाकाल का अभिषेक और विशेष श्रृंगार

Sawan Somvar 2025: श्रावण मास के पहले सोमवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के 2:30 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। सभा मंडप में सबसे पहले वीरभद्र जी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया, फिर भगवान की आज्ञा लेकर चांदी का पट खोला गया। इसके बाद जलाभिषेक और पंचामृत पूजन किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस शामिल थे।

भगवान महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट, सुगंधित पुष्पों की माला, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण कराकर विशेष भस्म आरती की गई। इसके बाद उन्हें फल और मिष्ठान्न अर्पित कर भोग लगाया गया।

यह भी पढ़ें :- Monsoon hair care tips: मानसून में हेयरफॉल क्यों बढ़ता है और कैसे बचें? जानिए जरूरी टिप्स

देश के अन्य शिवधामों में भी दर्शन-पूजन

खंडवा के ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत हुई। ओंकार महाराज का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया और नैवेद्य में 56 भोग अर्पित किए गए।(Sawan Somvar 2025)

ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर को फूलों से सजाया गया, जहां सुबह 4 बजे से भक्त जलाभिषेक करने पहुंचने लगे। रायसेन के भोजपुर में स्थित भोजेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 11 बजे तक करीब 40 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।

भोपाल के बड़वाले महादेव और गुफा मंदिर, छतरपुर के जटाशंकर धाम में भी शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सभी प्रमुख शिवालयों को आकर्षक पुष्प सजावट से सजाया गया है। (Sawan Somvar 2025)

महाकाल के चलायमान दर्शन कराए गए

भस्म आरती के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के चलायमान दर्शन कराए गए। मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘जय महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा। भस्म आरती में महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म अर्पित की गई।(Sawan Somvar 2025)

Back to top button
error: Content is protected !!