Chhattisgarh : सिर्फ एक पाव ही तो पी है! – शराब के नशे में स्कूल पहुंचे प्रधान पाठक, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक बार फिर सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विकासखंड के दूरस्थ अंचल बंदरचूँआ स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक सोमवार को शराब के नशे में स्कूल पहुंचे, और मीडिया के सवालों पर बेहद बेरोक-टोक अंदाज़ में जवाब देते हुए बोले – “एक पाव ही तो पी है।
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“आदिवासी हूं, इसलिए पी लिया” – गैरजिम्मेदार बयान
जब उनसे बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछा गया, तो प्रधान पाठक ने कहा –
“मैं आदिवासी हूं, हमारे समाज में पीना सामान्य बात है। (Chhattisgarh News)
हालाँकि उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार किया, लेकिन यह स्वीकारोक्ति शिक्षा की गंभीरता पर कोई असर नहीं डाल सकी। बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस कृत्य ने अभिभावकों और समाज को झकझोर दिया है।
शिक्षा व्यवस्था पर धब्बा
सरकार भले ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयासरत हो, लेकिन शिक्षकों का गैरजिम्मेदाराना रवैया इन कोशिशों पर पानी फेर रहा है।
क्या ऐसे हालात में सरकारी स्कूलों के बच्चे सही मार्गदर्शन और शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे?
क्या शिक्षक अपने वेतन और जिम्मेदारियों के अनुरूप आचरण करेंगे?
अब निगाहें प्रशासन पर
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही की निगरानी कैसे हो रही है? अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या इससे कोई सुधार देखने को मिलेगा। (Chhattisgarh News)



