बालोद जंबूरी आयोजन पर विधानसभा में हंगामा, भ्रष्टाचार के आरोपों पर गरमाई सियासत

Controversy on Jamboree Event: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन प्रश्नकाल के दौरान बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आयोजन में अनियमितता और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं है, ऐसे में जांच का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आयोजन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड का पदेन अध्यक्ष कौन है, जम्बूरी आयोजन बालोद में कराने का निर्णय कब और कैसे लिया गया, क्या पहले यह आयोजन रायपुर में प्रस्तावित था, आयोजन की जिम्मेदारी किस एजेंसी को दी गई और क्या इस पूरे कार्यक्रम में अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि 10 दिसंबर 2025 को पहला टेंडर जारी किया गया, जिसे बाद में निरस्त कर दूसरा टेंडर निकाला गया, जिसे 4 जनवरी 2026 को खोला जाना था, लेकिन आरोप यह है कि टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया और टेंडर खुलने के मात्र चार दिनों के भीतर पूरा काम खत्म भी कर दिया गया, जो नियमों पर सवाल खड़ा करता है। (Controversy on Jamboree Event)

राघवेंद्र सिंह ने यह भी मुद्दा उठाया कि 13 दिसंबर 2025 को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को स्काउट गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत किया गया, जबकि टेंडर उससे पहले 10 दिसंबर को ही जारी हो चुका था। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि अध्यक्ष बनने से पहले यह पूरा निर्णय किसके स्तर पर लिया गया और किस समिति ने इसकी अनुमति दी। इसके साथ ही उन्होंने जम्बूरी आयोजन की क्रियान्वयन एजेंसी, स्थान चयन और रायपुर से बालोद शिफ्ट करने के निर्णय पर भी जवाब मांगा। इसके जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट गाइड के पदेन अध्यक्ष स्वयं स्कूल शिक्षा मंत्री होते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय के निर्णय के अनुसार बालोद में कराया गया और इसका क्रियान्वयन जिला शिक्षा अधिकारी बालोद के माध्यम से किया गया।

मंत्री ने कहा कि सभी प्रक्रियाएं छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम के तहत पूरी की गई और किसी तरह की कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि टेंडर जारी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया और टेंडर खुलने के चार दिनों के भीतर ही काम पूरा हो गया, जो गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार नहीं हुआ: मंत्री
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय के निर्णय के अनुसार बालोद में कराया गया और इसका क्रियान्वयन जिला शिक्षा अधिकारी बालोद के माध्यम से किया गया। मंत्री ने कहा कि सभी प्रक्रियाएं छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम के तहत पूरी की गई और किसी तरह की कोई गड़बड़ी या भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि टेंडर जारी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया और टेंडर खुलने के चार दिनों के भीतर ही काम पूरा हो गया, जो गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।
विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग
उन्होंने इस मामले की विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की। इस दौरान मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देने से पहले शायरी के जरिए अपनी बात रखी और खुद को बेदाग बताया। उन्होंने कहा- “वफा जानते जब तुम, तो मेरी वफा समझा पाता प्रेम में कितना समर्पण था मेरे, यह तुझे मैं बता पाता बार-बार बेगुनाही की अपनी, कितना भरोसा दिलाऊं ऐ हमदम रूठकर बैठ जाते हो हर बार, कैसे मनाऊं ऐ हमदम जानते हो तुम बेदाग हैं हम, तुम्हारी इस महफिल में फिर भी इतने सवालात, जहन में क्यों आते हैं हमदम”। उन्होंने कहा कि जहां घोटाला होता है, वहीं जांच होती है और दोहराया कि इस मामले में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। इसके बाद सदन का माहौल गरमा गया। (Controversy on Jamboree Event)
आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है विवाद
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मंत्री के जवाब को भ्रामक बताते हुए कहा कि पहले भी इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला था और आज भी सरकार सदन को गुमराह कर रही है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। बालोद नेशनल जंबूरी आयोजन को लेकर उठे सवालों ने एक बार फिर सरकार की कार्यप्रणाली पर विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है। हालांकि सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन सदन में इस मुद्दे पर बढ़ा राजनीतिक तापमान आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। क्योंकि इससे पहले भी इसी मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ था। (Controversy on Jamboree Event)



