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कैग रिपोर्ट ने खोली राजस्व तंत्र की खामियां, GST प्रणाली में सुधार की जरूरत

Chhattisgarh Assembly Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की वित्तीय वर्ष 2022-23 की रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में राज्य की राजस्व व्यवस्था, वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली और प्रवर्तन तंत्र में गंभीर खामियों का खुलासा करते हुए सुधार की आवश्यकता बताई गई है।

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संविधान के अनुच्छेद 151 के तहत तैयार इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022-23 में छत्तीसगढ़ की कुल प्राप्तियां ₹93,877.13 करोड़ रहीं। इसमें राज्य का स्वयं का राजस्व ₹48,370.54 करोड़ (52 प्रतिशत) रहा, जिसमें ₹33,122.30 करोड़ कर राजस्व और ₹15,248.24 करोड़ गैर-कर राजस्व शामिल है। वहीं केंद्र से ₹45,506.59 करोड़ प्राप्त हुए।

₹8,585 करोड़ से अधिक राजस्व बकाया

रिपोर्ट में बताया गया है कि विभिन्न विभागों में ₹8,585.80 करोड़ की राजस्व बकाया राशि लंबित है। इसमें से ₹4,371.29 करोड़ पांच वर्ष से अधिक समय से वसूली की प्रतीक्षा में है, जो वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। (Chhattisgarh Assembly Session)

ई-वे बिल प्रणाली में खामियां उजागर

लेखापरीक्षा में ई-वे बिल प्रणाली (Electronic Way Bill System) की कार्यप्रणाली में कई तकनीकी और निगरानी संबंधी कमियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार—

निरस्त पंजीकरण वाले करदाताओं को भी ई-वे बिल जारी हुए
रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों को भी अनुमति मिली
एक ही चालान पर कई ई-वे बिल बनाए जाने के मामले सामने आए

कर उल्लंघन और ITC में गड़बड़ी

लेखापरीक्षा में 29 मामलों में नियम उल्लंघन पाए गए, जिनमें ₹20.34 करोड़ के संभावित कर प्रभाव का अनुमान है। इसके अलावा बिना वास्तविक माल परिवहन के ई-वे बिल जारी कर ₹2.94 करोड़ की अनियमित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ट्रांसफर किए जाने के मामले भी उजागर हुए।

वसूली और प्रवर्तन में ढिलाई

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कर चोरी रोकने के लिए प्रवर्तन गतिविधियां प्रभावी नहीं रहीं। कर और दंड की वसूली के समायोजन में 8 से लेकर 1981 दिनों तक की देरी पाई गई।

641 मामलों में विसंगतियां

GST भुगतान और रिटर्न की निगरानी में 641 मामलों में गड़बड़ियां पाई गईं। इनमें से 184 मामलों में ₹297.36 करोड़ के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जबकि अब तक केवल ₹2.46 करोड़ की वसूली हो सकी है।

चयनित मामलों में आंशिक वसूली

33 करदाताओं की जांच में ₹79.18 करोड़ के राजस्व प्रभाव से जुड़ी 23 अनियमितताएं सामने आईं। इनमें से ₹41.87 करोड़ की वसूली की जा चुकी है।

सुधार की सिफारिश

कैग ने स्पष्ट किया है कि GST प्रणाली में अनुपालन, निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि राजस्व हानि रोकी जा सके और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित हो सके। (Chhattisgarh Assembly Session)

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