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छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक-2026 विधानसभा में पास, CM साय बोले- अब नियमित और सुव्यवस्थित होगी भर्ती प्रक्रिया

Karmchari Chayan Mandal Bill: छत्तीसगढ़ विधानसभा के 15वें दिन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक-2026 सर्वसम्मति से पारित हो गया। इस कानून के माध्यम से राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की स्थापना की जाएगी। विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित भर्ती प्रणाली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और विश्वसनीय बनाना आवश्यक है।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में अलग-अलग विभागों में 32 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और इसे ज्यादा व्यवस्थित बनाने के लिए संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत भर्ती परीक्षाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल के गठन के बाद राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों के लिए नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिससे अभ्यर्थियों को समयबद्ध तैयारी में सुविधा होगी। साथ ही, सभी प्रमुख परीक्षाओं को निर्धारित समय सीमा में संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।

संयुक्त चयन परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विभागों की ओर से अलग-अलग समय पर भर्तियां निकालने से अभ्यर्थियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समान योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग आवेदन और चयन प्रक्रियाओं के कारण समय, संसाधन और प्रयास की ज्यादा आवश्यकता होती है। नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होगा और प्रक्रिया ज्यादा सरल-सुव्यवस्थित बनेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल अलग-अलग विभागों, वैधानिक निकायों, मंडलों, प्राधिकरणों समेत अन्य संस्थानों के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा। साथ ही आवश्यकता अनुसार संयुक्त चयन परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान भी रखा गया है। (Karmchari Chayan Mandal Bill)

परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता आएगी: CM साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को एक समान चयन प्रणाली के आधार पर तैयारी करने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा प्रबंधन में भी दक्षता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। मंडल में एक अध्यक्ष और अधिकतम तीन सदस्य होंगे। इसके अलावा सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे। मंडल को यह अधिकार होगा कि वह चयन प्रक्रिया के संचालन के लिए आवश्यकतानुसार एजेंसियों की सेवाएं ले सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसेमंद बनेगी। योग्य अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक सुदृढ़ और प्रभावी भर्ती प्रणाली स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

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