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नकल कानून पर छिड़ी जंग, बैज ने बताया छलावा, मुख्यमंत्री साय बोले- कांग्रेस ने युवाओं के सपने का घोटा गला

Politics on Anti Cheating Law: छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए लगाए गए नए कानून को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कानून को युवाओं को गुमराह करने वाला बताया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के नाम पर लाया जा रहा नया कानून सिर्फ एक छलावा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है और अब कानून बनाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

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बैज ने सवाल उठाया कि जब पहले से ही व्यापमं जैसी व्यवस्था मौजूद है तो फिर कर्मचारी चयन बोर्ड बनाने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी सरकार के कार्यकाल में वन, पुलिस, आरआई और पीडब्ल्यूडी जैसी कई भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं और सरकार के पास नई भर्तियां निकालने के लिए पैसा नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सरकार के सकारात्मक प्रयास कभी नजर नहीं आएंगे। (Politics on Anti Cheating Law)

कांग्रेस जनता से किए वादे पूरा नहीं कर पाई: CM साय

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता से बड़ा जनादेश मिलने के बावजूद वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस न सिर्फ जनता के साथ न्याय करने में असफल रही, बल्कि अपने ही कार्यकर्ताओं के साथ भी न्याय नहीं कर पाई। ऐसे में उन्हें हमारा काम अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक-2026 लागू होने से परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी, निष्पक्ष-विश्वसनीय बनेगी। यह सख्त कानून लोक सेवा आयोग, व्यावसायिक परीक्षा मंडल, सरकारी विभागों की भर्तियां और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। (Politics on Anti Cheating Law)

कांग्रेस ने युवाओं के सपने का घोटा गला 

CM साय ने कहा कि पेपर लीक, नकल या तकनीकी धोखाधड़ी करने पर 3 से 10 साल तक की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना होगा। साथ ही अगर मामला संगठित अपराध का हुआ तो 1 करोड़ तक का जुर्माना और दोषियों की संपत्ति भी कुर्क और जब्त होगी। CM विष्णुदेव साय ने कल विधानसभा में कहा था कि पिछली सरकार ने युवाओं के सपने का गला घोटा। पीएससी जैसी संस्थाओं में भ्रष्टाचार हुआ। प्रतियोगी परीक्षाओं में घोटाले किए गए। कांग्रेस की गड़बड़ व्यवस्था पर करारा प्रहार इस विधेयक के जरिए हमारी सरकार ने किया है। पीएससी में धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए हमने इस घोटाले को सीबीआई को सौंपा था। कई घोटालेबाज आज जेल के सीखचों के पार हैं।

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