वाराणसी में खाना बनाते समय सिलेंडर में विस्फोट, मकान ढहने से भाई-बहन की मौत, मां-बेटा घायल

Cylinder Blast in Varanasi: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां लहरतारा इलाके में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटने से एक मंजिला मकान ढह गया। हादसे में भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मां और बड़ा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे गिरिजा देवी अपने घर के किचन में खाना बना रही थी। इसी दौरान गैस सिलेंडर से लीकेज शुरू हो गया। कुछ ही देर में पाइप में आग लग गई और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, जोरदार धमाका हो गया।
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धमाके के साथ ही पूरा मकान भरभराकर गिर गया और घर के अंदर मौजूद चारों सदस्य मलबे में दब गए। हादसे के समय घर में कुल चार लोग मौजूद थे, जिसमें गिरिजा देवी (60), उनके दो बेटे अमन चौधरी (31) और अवधेश चौधरी (30), बेटी प्रीति उर्फ लक्ष्मी (24) शामिल हैं। स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से सभी को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल बीएचयू ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने अवधेश चौधरी और प्रीति उर्फ लक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया, जबकि मां और बड़ा बेटा अभी भी गंभीर हालत में हैं, जिनका इलाज जारी है। (Cylinder Blast in Varanasi)
जर्जर मकान बना हादसे की बड़ी वजह
एडीसीपी वरुणा जोन नीतू कादयान ने बताया कि एक मंजिला मकान गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर टीम मौके पर पहुंच गई थी। प्राथमिक जांच में सिलेंडर फटने को हादसे की वजह माना जा रहा है। राहत और बचाव कार्य के दौरान चार लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यह मकान करीब 50 साल पुराना था और इसका आगे का हिस्सा काफी जर्जर हो चुका था। हालांकि पीछे का हिस्सा हाल ही में बनवाया गया था और उसमें फिनिशिंग का काम चल रहा था। हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य पुराने और कमजोर हिस्से में मौजूद थे, जिससे धमाके के बाद मकान तुरंत ढह गया और जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
धमाके से दहला पूरा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना जोरदार था कि कई घरों में कंपन महसूस हुआ। आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें तक आ गईं। धमाके की आवाज सुनते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। पड़ोस में रहने वाली चंदा साहनी ने बताया कि वे लोग सुबह सो रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज आई, जिससे उनकी नींद खुल गई। बाहर निकलकर देखा तो पूरा मकान गिरा हुआ था। इसके बाद उन्होंने और अन्य स्थानीय लोगों ने मिलकर मलबे में दबे लोगों को खोजने की कोशिश की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। एहतियात के तौर पर बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया। (Cylinder Blast in Varanasi)

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। मलबा हटाने का काम तेजी से किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति अंदर न फंसा हो। डीआईजी स्तर के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। गिरिजा देवी अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ इस मकान में रहती थी। उनके पति आत्मा प्रसाद का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। बड़ा बेटा अमन निजी नौकरी करता है, जबकि मृतक अवधेश ड्राइवर था और किराए पर कार चलाता था। बेटी प्रीति पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में मां का हाथ बंटाती थी। यह हादसा एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग में लापरवाही और पुराने जर्जर मकानों के खतरे को उजागर करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन ने लोगों से गैस उपकरणों की नियमित जांच और सावधानी बरतने की अपील की है।



