देश में नहीं लगेगा लॉकडाउन, केंद्र सरकार ने किया अफवाहों का खंडन

Rumours of Lockdown: देशभर में फैल रही लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए इन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। केंद्रीय मंत्रियों ने एक सुर में इन खबरों को भ्रामक बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि यह अफवाहें कौन फैला रहा है, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार हर स्तर पर निगरानी कर रही है।
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वहीं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इन अटकलों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर लॉकडाउन जैसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और इस समय सभी को शांत और जिम्मेदार रहने की जरूरत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोविड-19 के दौरान जैसा लॉकडाउन देखा गया था, वैसी कोई स्थिति नहीं आने वाली है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की ओर से ईंधन संकट और लॉकडाउन की बातें करना पूरी तरह बेबुनियाद है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद को संबोधित किया है। (Rumours of Lockdown)

PM मोदी के सदन में दिए बयान के बाद लॉकडाउन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थी। प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के असर का जिक्र करते हुए कहा था कि दुनिया में बने कठिन हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है, जिस तरह देश ने एकजुट होकर कोरोना महामारी का मुकाबला किया और संकट से बाहर निकले, उसी भावना के साथ हमें अब अन्य चुनौतियों का सामना करने के लिए फिर से साथ मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा था कि एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इसी बयान को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दी गई, जिसके बाद लॉकडाउन की अफवाहें फैलने लगी।
विपक्ष ने उठाए थे सवाल
लॉकडाउन को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कोविड जैसे हालात का जिक्र करना चिंताजनक है और सरकार को पिछली परिस्थितियों से सीख लेनी चाहिए। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोविड के दौरान लोगों ने भारी मुश्किलों का सामना किया था और ऐसे में फिर से ऊर्जा संकट, महंगाई और अन्य समस्याओं की आशंका जताना चिंता का विषय है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जहां अन्य देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं भारत में आम जनता को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वैश्विक हालात और भारत की स्थिति
शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक संकटों में चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन भारत ने हमेशा उन्हें अवसर में बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि स्वाभाविक है, लेकिन भारत की कूटनीति और नीति मजबूत है। कुल मिलाकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में लॉकडाउन को लेकर फैल रही सभी खबरें महज अफवाह हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। लॉकडाउन की अटकलों पर विराम लग चुका है। अब जरूरी है संयम, जागरूकता और भरोसा, क्योंकि हालात नियंत्रण में हैं। (Rumours of Lockdown)



