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रायगढ़ में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर 5 उद्योगों पर लाखों का जुर्माना, सरगुजा में कलेक्टर के सख्त निर्देश

Fines on Industries: रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कारखाना अधिनियम 1948 के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करते हुए पांच उद्योगों पर लाखों रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से की गई है। औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग के उप संचालक ने बताया कि जिले में लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मार्च माह में श्रम न्यायालय के दिए गए फैसलों में पांच उद्योगों को दोषी मानते हुए आर्थिक दंड लगाया गया।

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न्यायालय के आदेश के मुताबिक मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड पर 4 लाख 20 हजार रुपए, मेसर्स श्याम इस्पात (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर 50 हजार रुपए, मेसर्स मां काली एलॉयज उद्योग प्राइवेट लिमिटेड पर 25 हजार रुपए, मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड पर 5 लाख 90 हजार रुपए और मेसर्स श्री रूपणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड पर 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने सभी औद्योगिक इकाइयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुरक्षा नियमों, श्रम कानूनों और कार्यस्थल पर जरूरी सावधानियों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। (Fines on Industries)

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जिला प्रशासन ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, जागरूकता अभियान और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोका जा सके। वहीं दूसरी ओर सरगुजा जिले में प्रशासन ने राजस्व मामलों को लेकर सख्ती दिखाई है। कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित मामलों के जल्द और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति के ईंट भट्ठों का संचालन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर ने तहसीलवार नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन, अभिलेख शुद्धता और ई-कोर्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का जल्द समाधान किया जाए और काम में तेजी लाई जाए। खासतौर पर विवादित और अविवादित नामांतरण के मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने के लिए कहा गया। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए और सभी एसडीएम को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा। इसके अलावा आधार सीडिंग, किसान किताब में प्रविष्टि, प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े लंबित मामलों और वन अधिकार पट्टा जैसे विषयों पर भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

त्रुटि सुधार से जुड़े आवेदनों को निपटाने के निर्देश

उन्होंने 1 से 3 साल और 3 से 5 साल से लंबित भू-अर्जन सहित अन्य राजस्व मामलों के जल्द समाधान पर जोर देते हुए अधिकारियों से व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करने को कहा। साथ ही त्रुटि सुधार से जुड़े आवेदनों को समय-सीमा में निपटाने और अभिलेख शुद्धता का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को जल्दी सेवाएं मिल सकें। बैठक में अपर कलेक्टर सुनील नायक, एसडीएम, अधीक्षक भू-अभिलेख समेत सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। (Fines on Industries)

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