EMI पर फिलहाल नहीं मिलेगी राहत, भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार
RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से साफ है कि फिलहाल आम लोगों को होम, कार और पर्सनल लोन की EMI में कोई राहत नहीं मिलेगी।
यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ में 5 हजार से ज्यादा स्कूलों में लड़कियों के लिए टॉयलेट नहीं, हाईकोर्ट ने लगाई जमकर फटकार
मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक (RBI MPC Meeting) के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर 5 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है।
RBI ने अपनी नीति का रुख (स्टांस) भी ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है, जो यह संकेत देता है कि आगे की नीतिगत दिशा पूरी तरह आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। इसके बाद यह लगातार दूसरी बार है जब दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
RBI के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है, जिसमें निजी खपत और निवेश की अहम भूमिका है।
हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भी आगाह किया है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव सहित वैश्विक अनिश्चितताएं भविष्य में महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर असर डाल सकती हैं। ऊर्जा संसाधनों और बुनियादी ढांचे पर संभावित दबाव से जोखिम बढ़ सकता है।
RBI के इस फैसले से स्पष्ट है कि फिलहाल ब्याज दरों में राहत की उम्मीद नहीं है और आम उपभोक्ताओं को EMI में किसी भी कटौती के लिए अभी इंतजार करना होगा। (RBI MPC Meeting)



