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छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर भिड़े पक्ष-विपक्ष, तीखे बयानों से गरमाया माहौल

Special Session of Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रित रहा, लेकिन शुरुआत से ही यह तीखी बहस, हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से भर गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पूरे दिन जोरदार टकराव देखने को मिला। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत और राजगीत के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पूर्व सांसद मोहसीना किदवई और पूर्व विधायक जगेश्वर भगत के निधन की सूचना दी। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन में महिलाओं को एक-तिहाई (33%) आरक्षण देने के संबंध में शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया। उन्होंने इसे नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस दौरान अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंची महिला जनप्रतिनिधियों का भी स्वागत किया। सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने मुद्दा उठाया कि पहले सदन के बाहर निंदा प्रस्ताव लाने की बात कही गई थी, लेकिन अब शासकीय संकल्प लाकर चर्चा की जा रही है। विपक्ष ने इसे मुद्दे से भटकाने की कोशिश बताया। सत्तापक्ष की ओर से विधायक लता उसेंडी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस पर महिला आरक्षण के विरोध का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस का रुख हमेशा दोहरा रहा है।

विधानसभा में गूंजे तीखे बयान

कोंडागांव से बीजेपी विधायक लता उसेंडी ने कहा कि देश में बहुत से लोग महिला आरक्षण के बड़े समर्थक हैं, लेकिन कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। कांग्रेस हर बार महिला आरक्षण के विरोध में खड़ी रही। आधी आबादी को आरक्षण ना मिले यह चाहती है कांग्रेस। विपक्ष को 2030 का भय है कि प्रधानमंत्री मोदी इसका श्रेय ले जाएंगे। महिलाओं के हित की जब बारी आई तब कांग्रेस ने अपने कदम पीछे ले लिए। महिलाओं को विधानसभा में आरक्षण मिले इसलिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है। बीजेपी सरकार महिलाओं के साथ है। (Special Session of Assembly)

आरक्षण बिल चुनावी झुनझुना: विधायक अनिला भेड़िया

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि आरक्षण बिल चुनावी झुनझुना है, हमारे देश की महिलाएं जानती हैं कि 2023 में बिल पास हुआ पर उसे लागू नहीं किया गया, महिलाओं को अपने अधिकार मालूम है। महिला आरक्षण अभी लागू करें। देश चाहता 2023 में सर्वसम्मति से बिल पास हुआ उसे लागू करें। विशेष सत्र बुलाकर राजनीति क्यों कर रहे ? BJP की हिम्मत 543 सीटों पर 33% आरक्षण देने की नहीं है। महिलाएं इसका बदला BJP से जरूर लेंगी। उन्होंने आगे कहा कि मणिपुर जल रहा था तो ये लोग कहा थे। उन्नाव की महिला सड़क पर घूम रही थी तो पीएम ने मुंह पर टेप लगा लिया था। प्रदेश में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ सीएम ने क्या टेप लगा लिया था। किस मुंह से आप महिला अधिकार की बात कर रहे हो। भेड़िया ने कहा कि BJP महिलाओं की कंधों पर बंदूक रखकर उनका अपमान कर रही हैं। चुनाव के बीच सत्र बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी। महिला सुरक्षा पर सरकार बात करती है, आज कौन सी महिला देश में सुरक्षित है यह बताएं? देश में संस्कृति हमेशा नारी सम्मान की बात करती है।

डिप्टी CM अरुण साव का पलटवार

इस पर डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में 500 रुपए देने का वादा किया था। आज किस मुंह से ये महिला के अधिकारों की बात कर रहे हैं। कांग्रेस ने सिर्फ महिलाओं के साथ छल किया है। इस पर कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि महिलाएं समझदार है, आप बहकाने का प्रयास मत कीजिए। सबसे पहले जनगणना करवाइये, इसके बाद महिला आरक्षण बिल लागू करिए। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि 2011 में कांग्रेस ने जनगणना की थी। साल 2022 में बीजेपी सरकार को करना था, क्यों नहीं किया गया ? बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि देश का ऐसा दूसरा राज्य है छत्तीसगढ़ जहां हमारी सरकार ने आरक्षण दिया, जहां महिलाओं को संस्थाओं में 50 फीसदी आरक्षण दिया। (Special Session of Assembly)

बीजेपी की मेन शाखा RSS है, जहां महिलाएं ही वर्जित: रामकुमार

कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं का सम्मान किया है। लोकतंत्र में कांग्रेस ने देश की महिलाओं को पहली पंक्ति में रखा। कांग्रेस ने पहली महिला प्रधानमंत्री बनाने का काम किया। बीजेपी की मेन शाखा RSS है, जहां महिलाएं ही वर्जित है। बीजेपी महिलाओं की विरोधी है। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आगे कर काम किया है। कांग्रेस ने कभी दिखावा करने का काम नहीं किया। यह कलयुग है, कहीं मोदी का युग दिखावे में ना चले जाए यह आगाह करता हूं। BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि आजादी के बाद से 5 दशक तक देश में कांग्रेस की सरकार रही। इस दौरान महिलाओं के लिए काम क्यों नहीं किया ? बीजेपी ने संसद में बिल लाया तब समर्थन क्यों नहीं दिया। संसद में बिल को ध्वस्त करने का काम कांग्रेस ने किया। कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहता है।

 

उज्ज्वला योजना और गैस संकट पर टकराव

महिला आरक्षण पर चर्चा के बीच उज्ज्वला योजना और रसोई गैस संकट का मुद्दा भी उठा। विपक्ष ने गैस सिलेंडर की कीमत और उपलब्धता को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए जवाब दिया। सदन में महिलाओं की संख्या को लेकर भी बहस हुई। विपक्ष ने कहा कांग्रेस ने महिलाओं को सबसे ज्यादा अवसर दिया है। भाजपा से 54 में 8, कांग्रेस से 35 में 11 महिला विधायक हैं। इस विशेष सत्र में प्रदेशभर से 500 से अधिक महिला जनप्रतिनिधि शामिल हुईं, जिन्होंने सदन की कार्यवाही देखी। महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बुलाया गया यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रहा। सत्ता पक्ष ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे चुनावी राजनीति करार दिया। सत्र ने यह संकेत दे दिया है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।

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