चिनाब पर तैयार होने वाला है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल, इसपर जम्मू-कश्मीर के किसी भी मौसम का नहीं पड़ेगा असर

Chenab Railway Bridge : जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल इस महीने के तीसरे हफ्ते तक तैयार हो जाने की पूरी संभावना है, जिसे कटरा-बनिहाल रेल खंड पर 27949 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। इस ब्रिज का निर्माण कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (krcl) उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (usbrl) परियोजना के तहत किया गया है, जो घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेगा।
यह भी पढ़ें : अब बिना पीएचडी के सिर्फ UGC NET परीक्षा के बाद ही बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर, जानिए यूजीसी का नया नियम
यह पुल हाल के इतिहास में भारत में किसी भी रेलवे परियोजना के सामने आने वाली सबसे बड़ी सिविल-इंजीनियरिंग चुनौती है, जो नदी के तल से 1,178 फीट ऊपर है। यही ऊंचाई इस पुल को दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाती है।
Chenab Railway Bridge : किसी भी मौसम का नहीं पड़ेगा असर
इस ब्रिज को स्ट्रक्चरल स्टील से बनाया गया जा रहा है, जो माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेल सकता है। इसका मतलब इस ब्रिज पर जम्मू-कश्मीर के किसी भी मौसम का असर नहीं पड़ेगा और हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों के साथ कनेक्टविटी बनी रहेगी। पिछले तीन सालों में इंजीनियर चिनाब नदी के दोनों किनारों – कौरी छोर और बक्कल छोर पर स्थापित दो विशाल केबल क्रेन की मदद से पुल का निर्माण कर रहे हैं।
एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है यह ब्रिज
दुनिया का यह सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज 1.3 किलोमीटर लंबा है। यह फ्रांस में 324 मीटर ऊंचे एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। भारतीय रेलवे ने समय-समय पर चिनाब नदी पर बन रहे इस ब्रिज के फोटोज शेयर किए हैं, जिसमें ब्रिज की खूबसूरती देखते ही बनती है।
यह भी पढ़ें : अग्निवीरों की भर्ती के लिए आगे बढ़ी आवेदन की तारीख, अब इस डेट तक कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
Chenab Railway Bridge : करीब दो दशक लगे बनाने में
चिनाब ब्रिज को बनाने के लिए साल 2002 स्वीकृति मिली थी। लेकिन इस पर काम शुरू होते होते 2004 का साल आ गया। यदि सिर्फ निर्माण का ही साल गिना जाए तो तो करीब 18 साल तो लग ही गए। उत्तर रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि इस पुलन के निर्माण में देरी की मुख्य वजह इसका डिजाइन ईशु था। इसी वजह से बीच में इसका निर्माण कार्य रोक दिया गया था। इस पुल को बनाने वाला संगठन कोंकण रेलवे कारपोरेशन (KRCL) है। यह भी रेल मंत्रालय का ही एक संगठन है।



