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भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में शामिल हुए PM नरेंद्र मोदी, 7 मुख्य स्तंभों पर आधारित प्रस्ताव रखा

India-CARICOM Summit 2024: गुयाना के जॉर्जटाउन में आयोजित भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरे मित्र राष्ट्रपति इरफान अली और प्रधानमंत्री डिकॉन मिचेल के साथ दूसरी भारत-कैरीकॉम समिट की मेजबानी करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं कैरीकॉम परिवार के सभी सदस्यों का हार्दिक स्वागत करता हूं और राष्ट्रपति इरफान अली को इस समिट के शानदार आयोजन के लिए विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं। कुछ महीनों पहले ‘हरीकेन बेरिल’ से प्रभावित देशों में हुई जान-माल की हानि के लिए मैं सभी भारतवासियों की ओर से गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूं।

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PM मोदी ने कहा कि हमारी बैठक पांच साल के अंतराल के बाद हुई। इन पांच सालों में विश्व में कई बदलाव आए हैं, मानवता को कई तनावों और संकटों का सामना करना पड़ा है। इनका सबसे बड़ा और नकारात्मक प्रभाव हम जैसे ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ा है। इसलिए भारत ने सदैव कैरीकॉम के साथ मिलकर साझा चुनौतियों से निपटने का प्रयास किया है। कोविड हो या प्राकृतिक आपदाएं, क्षमता निर्माण हो या विकास के कार्य, भारत एक विश्वसनीय पार्टनर के रूप में आप सभी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ा है। पिछली बैठक में हमने कई नए और सकारात्मक पहल की पहचान की थी। मुझे खुशी है कि उन सभी पर प्रगति हो रही है। भविष्य में हमारे सहयोग को मजबूत करने के लिए मैं कुछ प्रस्ताव रखना चाहूंगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव सात मुख्य स्तंभों पर आधारित है, जो है C, A, R, I, C, O, M यानी कैरीकॉम। पहला- ‘C’ यानी क्षमता निर्माण भारत छात्रवृत्ति, ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता के माध्यम से कैरीकॉम देशों की क्षमता निर्माण में अपना योगदान देता रहा है। आज मैं भारत की ओर से दी जा रही I-TEC (आई-टेक) छात्रवृत्ति में अगले 5 साल के लिए 1000 स्लॉट की वृद्धि का प्रस्ताव रखता हूं। युवाओं की तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए हमने बेलीज में तकनीकी विकास केंद्र बनाया है। सभी कैरीकॉम देशों द्वारा इसके इस्तेमाल के लिए हम इसके पैमाना और आकार का विस्तार करेंगे।

PM मोदी ने कहा कि हम कैरीकॉम क्षेत्र के लिए फोरेंसिक सेंटर बनाने पर भी काम करेंगे। भारत में सिविल सेवक की निरंतर क्षमता निर्माण के लिए हमने ‘i-GOT कर्मयोगी पोर्टल’ बनाया है। इस पोर्टल पर टेक्नोलॉजी, प्रशासन, कानून, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। कैरीकॉम देशों के लिए एक ऐसा ही पोर्टल तैयार किया जा सकता है। लोकतंत्र की जननी के रूप में, भारत अपने कैरीकॉम साथियों के साथ पार्लियामेंटरी ट्रेनिंग पर भी काम करने के लिए तैयार है। दूसरा-‘A’ यानी कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में, ड्रोन, डिजिटल खेती, कृषि मशीनीकरण, मृदा परीक्षण जैसी तकनीकों से भारत में कृषि का स्वरूप बदला है। नैनो उर्वरक के साथ-साथ हम प्राकृतिक खेती पर भी बल दे रहे हैं। खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हम मिलेट्स को प्रमोट कर रहे हैं। भारत की पहल पर UN ने 2023 को अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मिलेट्स एक ऐसा सुपरफूड है, जो किसी भी जलवायु में वृद्धि कर सकता है। कैरीकॉम देशों के लिए भी यह जलवायु परिवर्तन का सामना करने के साथ साथ खाद्य सुरक्षा बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। आपके यहां “सरगासम सी-वीड एक बड़ी समस्या है। इसका प्रभाव होटल और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ रहा है। भारत में हमने इस सी-वीड से उर्वरक बनाने की तकनीक विकसित की है। टेक्नॉलजी से इस समस्या का हल भी हो सकता है। साथ ही फसल की उपज भी बढ़ सकती है। इन सभी अनुभवों को भारत कैरीकॉम देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है। तीसरा- ‘R’ यानी नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन समेत पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां हम सभी के लिए प्राथमिकता का विषय है।

उन्होंने कहा कि इस विषय में वैश्विक समन्वय बढ़ाने के लिए हमने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा रोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन, मिशन लाइफ, यानी पर्यावरण के लिए जीवनशैली, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसी पहलों की शुरुआत की है। मुझे खुशी है कि आप अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन से जुड़े हैं। मैं बाकी पहल से भी जुड़ने का आग्रह करना चाहूंगा। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हम बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं। हमारा प्रस्ताव है कि हम कैरीकॉम के सभी देशों में कम से कम एक सरकारी भवन सौर ऊर्जा से संचालित करने में मदद करेंगे। चौथा -‘I’ यानी नवाचार, प्रौद्योगिकी और व्यापार। आज भारत की पहचान टेक्नॉलॉजी और स्टार्टअप हब के रूप में हो रही है।

PM ने कहा कि हमारी विशिष्टता ये है कि भारत में विकसित प्रौद्योगिकी समाधान हमारे विविधता से भरे समाज और समय की कसौटी से निकल कर आते हैं। इसलिए इनकी सफलता विश्व के किसी भी देश में गारंटी है। भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यानी इंडिया स्टैक से हम अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। आज भारत में एक क्लिक में करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किए जाते हैं। भारत द्वारा बनाए गए UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस से UAE, सिंगापुर, फ्रांस, श्रीलंका, नेपाल, मॉरीशस जैसे देश जुड़ चुके हैं। कैरीकॉम देशों में भी इसकी एडॉप्शन के लिए हम मिलकर काम कर सकते हैं। सामान्य जन द्वारा अपने सभी दस्तावेज़ों को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने के लिए हमने क्लाउड-आधारित डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म बनाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम कैरीकॉम देशों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च कर सकते हैं। भारत में सरकारी खरीद और सुगम, और पारदर्शी बनाने के लिए हमने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल पर मेडिकल इक्विपमेंट्स और कंप्यूटर से लेकर, फर्नीचर और बच्चों के खिलौने तक हर चीज उपलब्ध है। हमें यह पोर्टल कैरीकॉम देशों के साझा करने में खुशी होगी। 5Ts यानी व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्रतिभा और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए हम सभी देशों के प्राइवेट सेक्टर और हितधारकों को आपस में जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टलबना सकते हैं। SME सेक्टर में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पिछले साल इंडिया-CARICOM बैठक के दौरान हमने SME प्रोजेक्टस के लिए 1 मिलियन डॉलर की ग्रांट की घोषणा की थी। हमें इसके इम्प्लीमेंटेशन को गति देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत विश्व के अग्रणी देशों में से हैं। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए हम कैरीकॉम देशों में संसाधन मानचित्रण, जलवायु अध्ययन, कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। पिछले साल सितंबर में G-20 समिट के दौरान हमने G-20 पर्यावरण और जलवायु अवलोकन के लिए उपग्रह की घोषणा की थी। 2027 तक इसे लॉन्च किया जाएगा। हम इस मिशन से आने वाले डाटा को विश्व के सभी देशों, खास तौर पर ग्लोबल साउथ के देशों के साथ साझा करेंगे। पांचवां- ‘C’ यानी क्रिकेट और संस्कृति। क्रिकेट हमारे देशों के बीच एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण संबंधसूत्र है। बात 1983 के क्रिकेट विश्व कप फाइनल की हो, या IPL की, भारत के लोगों में वेस्ट इंडीज के क्रिकेटरों के लिए विशेष लगाव रहा है।

PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस साल आपके यहां हुए T-20 विश्व कप से भारतीय क्रिकेट फैन्स का कैरीबियन की ओर आकर्षण और बढ़ा है। यह मैं सिर्फ इसलिए नहीं कह रहा हूं, क्योंकि भारत ने ये विश्व कप जीता था। मेरा प्रस्ताव है कि क्रिकेट संबंधों के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए हम कैरीकॉम के हर देश से ग्यारह युवा महिला क्रिकेटरों की भारत में ट्रेनिंग कर सकते हैं। हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर रखने के लिए हम अगले साल कैरीकॉम देशों में भारतीय संस्कृति के दिन का आयोजन कर सकते हैं। बॉलीवुड की लोकप्रियता को देखते हुए कैरीकॉम देशों के साथ मिलकर फिल्म फेस्टिवल आयोजन किए जा सकते हैं। छठा- ‘O’ यानी महासागर अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा। भारत के लिए आप छोटे द्वीपीय राज्य नहीं, लेकिन बड़े महासागरीय देश हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हम पैसेंजर और कार्गो फेरी की आपूर्ति करेंगे। हम मिलकर समुद्री डोमेन मानचित्रण और जल विज्ञान पर काम कर सकते हैं। पिछले साल कैरीकॉम द्वारा समुद्री सुरक्षा रणनीति जारी की गई। इसमें मादक पदार्थों की तस्करी, समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ना, मानव तस्करी के साथ-साथ आर्थिक सहयोग के अप्रयुक्त क्षमता को भी रेखांकित किया गया है। भारत को इन सभी विषयों पर आपके साथ सहयोग बढ़ाने में खुशी होगी। सातवां-‘M’ यानी चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल। कैरीकॉम देशों की स्वास्थ्य सुरक्षा भारत के लिए उच्च प्राथमिकता का विषय रहा है। भारत ने सामान्य मानवी को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए जन औषधि केंद्र खोले हैं। मेरा प्रस्ताव है कि हम इस मॉडल पर कैरीकॉम के सभी देशों में जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं। भारत और सभी देशों के बीच फार्माकोपिया को मान्यता देने के लिए समझौता संपन्न किया जाये तो इस प्रयास में गति ला सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हम कैरीकॉम देशों में औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने पर भी विचार कर सकते हैं। कैरीकॉम देशों में कैंसर और दूसरे गैर-संचारी रोग एक बहुत बड़ी चुनौती है। इससे लड़ने के लिए हम भारत में बनी कैंसर थेरेपी मशीन उपलब्ध कराएंगे। सुदूर स्थान पर लोगों के सुगम और ऑन द स्पॉट इलाज के लिए हमने भारत में “भीष्म” मोबाइल अस्पताल बनाए हैं। इन्हें कुछ मिनटों में ही स्थापित किया जा सकता है और बिना समय गंवाए सभी प्रकार का इलाज किया जा सकता है। हमें यह मोबाइल अस्पताल कैरीकॉम के मित्रों को उपलब्ध करने में खुशी होगी। दिव्यांग लोगों को कृत्रिम पैर की मानवीय सहायता देने के लिए हम हर साल किसी न किसी कैरीकॉम देश में जयपुर फुट कैम्प लगाने का प्रस्ताव रखते हैं। हम डायलिसिस यूनिट और समुद्री एम्बुलेंस भी प्रदान करने का प्रस्ताव रखते है।

मोदी ने कहा कि डायबिटीज, उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए योग बहुत ही असरदार है। मन और शरीर के बीच सामंजस्य लाने पर केंद्रित यह साधना पूरी मानवता के लिए भारतीय सभ्यता का उपहार है। इसे 2015 में UN द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पहचाना गया था। इसे लोगों द्वारा छोटी उम्र से ही अपनाने के लिए हम इसे स्कूलों में करीक्यूलम का हिस्सा बना सकते हैं। हम सभी कैरीकॉम देशों में भारत सेयोग शिक्षक और प्रशिक्षक भी भेजने का प्रस्ताव रखते हैं। हम कैरीकॉम देशों में योग थेरेपी और भारतीय पारंपरिक औषधियां के इस्तेमाल पर भी काम करेंगे। ‘कैरीकॉम’ के हमारे इन सातों स्तंभों में एक बात समान है – यह सभी आपकी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर आधारित हैं। यह हमारे सहयोग का मूलभूत सिद्धांत है।

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