Google Analytics —— Meta Pixel

सफर सुकून का था लौटे कफ़न में,धरती के स्वर्ग को लहूलुहान कर गए दरिंदे – पहलगाम में हिन्दू पर्यटकों की हत्या, गरियाबंद में उमड़ा जनसैलाब श्रद्धांजलि देने

कश्मीर के पहलगाम से आई खबर ने पूरे देश को एक बार फिर से दर्द और आक्रोश में डुबो दिया है। पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों ने एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हिन्दू पर्यटकों को निशाना बनाया और निर्ममता से उनकी हत्या कर दी।

यह भी पढ़े :- जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले पर राजनीति, विपक्ष ने व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

गोलियों की आवाज़ें उस धरती पर गूंजीं जिसे हम धरती का स्वर्ग कहते हैं, और उस स्वर्ग को एक बार फिर खून से लाल कर दिया गया। यह घटना न केवल कायरता की पराकाष्ठा है, बल्कि मानवता को शर्मसार कर देने वाली भी है।

आतंक की इस घटना के खिलाफ देशभर में शोक की लहर है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक भावनात्मक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।तिरंगा चौक पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, विद्यार्थी और महिलाएं एकत्र हुए।हाथों में मोमबत्तियां, आंखों में आंसू और दिलों में पीड़ा लिए हर किसी ने खामोशी से अपने-अपने तरीके से उन शहीदों को याद किया। सभा में मौन प्रार्थना और भावपूर्ण भाषणों के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता जताई गई।

लोगो ने कहा हम इस अमानवीय कृत्य की कठोरतम शब्दों में निंदा करते हैं। जो लोग सिर्फ घूमने और सुकून पाने के लिए पहलगाम गए थे, उन्हें इस तरह से धर्म के आधार पर मार डाला गया, ये आधुनिक युग में भी धार्मिक असहिष्णुता और आतंक की घृणित मानसिकता को दिखाता है।

हम मांग करते हैं कि सरकार दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दे और घाटी में हिन्दू यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।”

“मैं एक पिता हूं, और जब मैंने सुना कि एक मासूम बच्चे ने अपनी मां को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा, तो मेरा दिल बैठ गया। हम यहां सिर्फ मोमबत्तियां जलाने नहीं आए हैं, हम यहां यह संदेश देने आए हैं कि हिन्दू समाज अब सोया नहीं है – अब हर आंसू का हिसाब लिया जाएगा।यह श्रद्धांजलि उन सभी निर्दोष लोगों के लिए है जिन्होंने बिना किसी कसूर के जान गंवाई, और उन परिवारों के लिए जो अब कभी पहले जैसे नहीं रह सकेंगे।

Back to top button
error: Content is protected !!