मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को दी अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं, बाल-विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने का किया आह्वान

CM on Akti Tihar: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को अक्ति तिहार यानी अक्षय तृतीया की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन शुरू किए गए कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित मानी जाती है। इसलिए यह दिन अत्यंत शुभ और अक्षय (अविनाशी) माना गया है। यह सौभाग्य, सफलता और समृद्धि का प्रतीक दिवस है। विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए भी इस दिन अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए बड़ी संख्या में विवाह संस्कार इस दिन आयोजित होते हैं।
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मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज से बाल-विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि इस बुराई से समाज को मुक्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा में भी अक्ति तिहार का विशेष महत्व है। इस दिन से नई फसल के लिए तैयारियों की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के गुड्डे-गुड़ियों के विवाह की परंपरा के माध्यम से हमारे पूर्वजों ने धरती माता से हमारे संबंध को जीवंत रखा है। इस परंपरा के माध्यम से जीवन के आधार-माटी-का आदर और सम्मान करना सिखाया गया है। (CM on Akti Tihar)
बाल विवाह रोकने विशेष अभियान
बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को बाल विवाह से मुक्त करने के संकल्प के तहत अभियान को और ज्यादा प्रभावी बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसका लक्ष्य 2028-29 तक राज्य को पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त बनाना है। बाल विवाह को न केवल सामाजिक अभिशाप, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध भी माना गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 21 साल से कम आयु के लड़के और 18 साल से कम आयु की लड़की के विवाह को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है, जिसमें दो साल तक की सजा या एक लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। (CM on Akti Tihar)



