Operation Sindoor: मॉक ड्रिल पर थी पाकिस्तान की नजर, तभी भारत ने किया करारा वार, पढ़े पूरी खबर

Operation Sindoor: कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा भारतीय महिलाओं के मस्तक से सिंदूर मिटाए जाने की घटना के 15 दिन बाद भारत ने उसका मुँहतोड़ जवाब दे दिया। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर घातक ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में नौ अलग-अलग स्थानों पर आतंकी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही सेना ने स्पष्ट संदेश दिया—इंसाफ पूरा हुआ! इस जवाबी कार्रवाई को नाम दिया गया: ऑपरेशन सिंदूर।
यह कार्रवाई क्यों जरूरी थी?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया था। इसमें 25 भारतीय पर्यटक और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी। आतंकियों ने लोगों की पहचान धर्म के आधार पर की और गोली चलाई। इस बर्बर हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो टूक कहा था कि भारत इसका सख्त जवाब देगा। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सेना प्रमुखों, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जवाबी कार्रवाई का तरीका और समय तय करने की पूरी स्वतंत्रता सेना को दी जा रही है। इसके बाद यह तय हो गया था कि भारत निर्णायक कदम उठाएगा।
कार्रवाई कहां हुई?
हमले के पंद्रह दिन बाद, 6 और 7 मई की रात को यह सटीक और सुनियोजित कार्रवाई की गई। यह ऑपरेशन पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की उन लोकेशनों पर केंद्रित था, जहां आतंकियों के प्रशिक्षण शिविर और लॉजिस्टिक बेस मौजूद थे। भारत ने दुश्मन के घर में घुसकर आतंक के अड्डों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है।
तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से दिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत जिन नौ आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, उनमें से चार पाकिस्तान के भीतर और पाँच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित थे। इन ठिकानों में मुजफ्फराबाद, कोटली, सियालकोट, चाक अमरू, भिंबर, मुरीदके, बहावलपुर और गुलपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ऑपरेशन के दौरान विशेष सटीक हथियार प्रणालियों का उपयोग किया गया। भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई अंजाम दी और नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट स्थित पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने बने निशाना
रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने में शामिल संगठनों—विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा—के शीर्ष नेतृत्व और उनके ठिकानों को नष्ट करना था। हमलों के लिए लोकेशन का चयन इन्हीं संगठनों की गतिविधियों के आधार पर किया गया। ऑपरेशन में भारतीय सेनाओं की उन्नत प्रिसिजन-स्ट्राइक क्षमताओं का उपयोग किया गया, जिसमें ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ (भटकते हुए लक्ष्यों पर हमला करने वाले हथियार) भी शामिल थे।



