कोरिया में अवैध कोयला खनन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, सुरंगें ध्वस्त, 6 टन कोयला जब्त

Action Against Coal Mining: कोरिया जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार 2 दिनों तक कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने रविवार को देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण कर अवैध खनन स्थलों का चिन्हांकन किया। टीम ने इन स्थानों को ब्लास्टिंग के जरिए स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स में खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर निरीक्षण के दौरान कोई कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन गतिविधियां संचालित होने के प्रमाण मिले हैं।
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इससे पहले शनिवार को संयुक्त टीम ने पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 6 टन से ज्यादा अवैध कोयला जब्त किया गया और कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया। ये सुरंगें लंबे समय से कोयला निकालने के लिए उपयोग में लाई जा रही थी। अभियान के दौरान टीम ने लगभग 150 फीट लंबी सुरंगों में प्रवेश कर कोयला बरामद किया। साथ ही खनन में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार यह क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन का केंद्र बना हुआ था।

रविवार को की गई कार्रवाई में कोरिया के अलावा सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, पुलिस, वन और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे। प्रशासन ने बताया कि वन और खनिज विभाग के साथ-साथ एसईसीएल के समन्वय से इन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित अवैध खनन स्थलों को ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जारी रखने की भी बात कही गई है। इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा। (Action Against Coal Mining)



