नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज: अजय चंद्राकर का कांग्रेस-टीएमसी पर तीखा हमला
रायपुर। अजय चंद्राकर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने लोकसभा में सुनियोजित तरीके से इस महत्वपूर्ण विधेयक को प्रभावित कर उसके पारित होने में बाधा डाली।
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चंद्राकर ने कहा कि इस बिल को रोके जाने से देशभर की महिलाओं में आक्रोश है। उनका आरोप है कि कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस विधेयक को आगे बढ़ने से रोका। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी अब इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी में है, जिसे गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा ताकि आम जनता को “वास्तविक स्थिति” से अवगत कराया जा सके।
परिसीमन के मुद्दे पर भी चंद्राकर ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन एक आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इस पर अनावश्यक राजनीति कर रहा है और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
वहीं, नक्सलवाद के मुद्दे पर बोलते हुए चंद्राकर ने कहा कि 31 मार्च 2026 देश के लिए एक अहम तारीख साबित हो सकती है। उन्होंने अमित शाह के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सहित देश के कई हिस्सों में नक्सलवाद की जड़ें कांग्रेस शासनकाल की नीतियों में हैं। उनके मुताबिक “शोषण आधारित विकास मॉडल” के कारण स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा, जिसने नक्सलवाद को बढ़ावा दिया।



