जीत का दिखावा करके लोगों को गुमराह करता है पाकिस्तान, वहां लोकतंत्र नहीं, सैन्य तानाशाही है: अफगानी सांसद मरियम

Afghan MP Maryam: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार हवाई हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सोलेमंखिल और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मरियम ने कहा कि पाकिस्तान जब भी हवाई हमला करता है तो कहता है कि वे आतंकवादियों को मार रहे हैं, लेकिन मैंने उनके मारे गए किसी भी आतंकवादी का नाम नहीं सुना है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान लंबे समय से लश्कर-ए-तैबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों को पनाह देता रहा है और उनके साथ काम करता रहा है। कभी ओसामा बिन लादेन को भी शरण दी थी। अब पाकिस्तान उस राक्षस से लड़ रहा है, जिसे उसने खुद पैदा करने में मदद की थी। उन्होंने आतंकवाद को अपना धंधा बना लिया है।
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सांसद ने कहा कि अस्थिरता उनके राज्य के संचालन का आधार रही है। वे इस क्षेत्र के लिए कैंसर हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं और बच्चे मारे जा रहे हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को देखिए, जहां आम नागरिक मर रहे हैं। इस समय जेल में बंद लोगों में महरंग बलूच जैसे कार्यकर्ता और अली वजीर जैसे राजनेता शामिल हैं। पाकिस्तान अभी भी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, अफगान तालिबान और अन्य नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिनकी जड़ें रावलपिंडी में गढ़ी गई चरमपंथी विचारधारा से जुड़ी हैं। सांसद मरियम सोलेमंखिल ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं होता कि आईएसआई तालिबान के खिलाफ है, इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। कृपया मुझे तालिबान का एक भी ऐसा नेता दिखाएं, जो मारा गया हो। लड़ाई पश्तून और बलूच इलाकों में हो रही है और वही लोग मर रहे हैं। कहानी जितनी दिखती है उससे कहीं ज्यादा पेचीदा है।
पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं, सैन्य तानाशाही है: मरियम
उन्होंने कहा कि आखिर में इस युद्ध से पाकिस्तान को ही फायदा हो रहा है। वे आईएमएफ से कर्ज की भीख मांगेंगे और और ज्यादा सहायता की मांग करेंगे, क्योंकि उन्होंने ही यह झड़प शुरू की है। सांसद मरियम ने कहा कि पाकिस्तान ऑनलाइन ट्रोल अकाउंट बनाकर जीत का दिखावा करके मीडिया और लोगों को गुमराह करता है। उस देश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि सैन्य तानाशाही है। रावलपिंडी के जनरलों ने युद्ध को धंधा बना लिया है, लेकिन भारत, अफगानिस्तान और हमारे क्षेत्र में शांति और समृद्धि चाहने वाले लोगों को मिलकर काम करना होगा, ताकि हमारा पूरा क्षेत्र समृद्ध हो सके और उस पर गर्व कर सके। भारत के लोगों और अफगानिस्तान की महिलाओं को एकजुट होना होगा। (Afghan MP Maryam)
अफगान एकजुट होकर जवाब देंगे: पूर्व राष्ट्रपति
सांसद ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मुद्दा उठाना चाहिए कि पाकिस्तान कितना खतरनाक है, क्योंकि उसके पास परमाणु हथियार हैं। ओसामा बिन लादेन को पनाह देने वाला, दर्जनों आतंकवादी संगठनों को जन्म देने वाला देश आज भी परमाणु हथियार कैसे रख सकता है ? उन पर प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए, दशकों से चली आ रही उनकी आतंकवादी नीतियों से प्रभावित लाखों लोगों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्हें तुरंत परमाणु निरस्त्रीकरण करना चाहिए और भारत ऐसा करने में सक्षम है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पाकिस्तानी विमानों ने एक बार फिर काबुल, कंधार और पक्तिया में बमबारी की। करजई ने कहा कि अफगान अपने प्रिय देश की रक्षा पूरी एकजुटता के साथ करेंगे और हर आक्रमण का साहस से जवाब देंगे। उन्होंने पाकिस्तान से अपनी नीतियां बदलकर पड़ोसी देशों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाने की अपील की।
अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ड्यूरंड लाइन पर जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। 2,611 किमी लंबी सीमा ड्यूरंड रेखा को अफगानिस्तान ने कभी आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। मंत्रालय के मुताबिक पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों के पास पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया गया। अफगान पक्ष ने दावा किया कि दो सैन्य अड्डे और 19 पोस्ट ध्वस्त किए गए, जबकि 8 अफगान लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए। नंगरहार में एक शरणार्थी शिविर पर मिसाइल हमले में 13 नागरिकों के घायल होने का भी आरोप लगाया गया। (Afghan MP Maryam)
पाकिस्तान की ‘गजब लिल हक’ कार्रवाई
पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई के तहत ‘गजब लिल हक’ ऑपरेशन शुरू करने की पुष्टि की है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने चितरल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर जिलों में कार्रवाई करते हुए कई तालिबान ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर कहा कि काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी हवाई हमले हुए, हालांकि किसी बड़े हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। लगातार हो रहे हवाई हमलों, जवाबी कार्रवाइयों और दोनों पक्षों के बड़े दावों के बीच दक्षिण एशिया में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। सीमा पर तनाव और नागरिक हताहतों की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कूटनीतिक प्रयास नहीं हुए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है।



