भारतमाला मुआवजा घोटाला: जल संसाधन विभाग के दो पूर्व अधिकारी सहित छह आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

Bharatmala compensation scam : भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में हुए बहुचर्चित मुआवजा घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने जल संसाधन विभाग के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सेवानिवृत्त अमीन गोपाल राम वर्मा, नरेंद्र कुमार नायक, खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल शामिल हैं। सभी आरोपियों को रायपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने गोपाल राम वर्मा और नरेंद्र नायक को 23 जुलाई तक की रिमांड, जबकि शेष चार आरोपियों को 18 जुलाई तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
EOW की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जल संसाधन विभाग के इन अधिकारियों ने जानबूझकर फर्जी रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर मुआवजा वितरण में गंभीर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि बाकी आरोपी, फरार चल रहे कुछ राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर बटांकन, मुआवजा निर्धारण और दस्तावेजी प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कर रहे थे। इस घोटाले में किसानों से कमीशन के रूप में मोटी रकम वसूली गई थी।
इससे पहले भी इसी मामले में उमा तिवारी, केदार तिवारी, विजय जैन और हरमीत खनूजा की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, इन चारों की नियमित जमानत छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने हाल ही में मंजूर की है। (Bharatmala compensation scam)
अब तक इस घोटाले में कुल 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान और भी अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आई है। EOW आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारियों का दायरा और विस्तारित कर सकती है। (Bharatmala compensation scam)



