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सावधान! 100 किमी की रफ्तार से आ रहा ‘मोन्था’ तूफान – भीषण बारिश का अलर्ट, सेना और NDRF टीम तैनात

Cyclone Montha Alert : आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में चक्रवात ‘मोन्था’ (Cyclone Montha Alert) का खतरा तेजी से बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान सोमवार शाम या रात तक समुद्री तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। तूफान के असर से ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भीषण बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

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भारतीय सेना, NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में अलर्ट पर हैं। प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया है।

संवेदनशील इलाकों से लोगों की निकासी शुरू

ओडिशा सरकार ने राज्य के आठ दक्षिणी जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और संवेदनशील स्थानों से लोगों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।

मछलीपट्टनम-कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकराने की आशंका

आईएमडी हैदराबाद के अधिकारी जी. एन. आर. एस. श्रीनिवास राव ने बताया कि चक्रवात ‘मोन्था’ मंगलवार शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा क्षेत्र के पास आंध्र तट से टकरा सकता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान आंध्र प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।

मुख्यमंत्री नायडू ने ली तैयारी की समीक्षा

चक्रवात के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए तत्काल तैयारी शुरू की जाए। नायडू ने कहा, “26 से 29 अक्टूबर तक राज्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है, इसलिए सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहना होगा।”

ओडिशा और तटीय राज्यों में अलर्ट, मछुआरों को चेतावनी

ओडिशा सरकार ने भी तूफान को लेकर अपनी आपदा प्रबंधन प्रणाली सक्रिय कर दी है।
भुवनेश्वर मौसम केंद्र की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 26 से 29 अक्टूबर तक समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने और जो समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने की सलाह दी गई है।

जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहा तूफानों का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण ऐसे तूफान पहले की तुलना में अधिक तीव्र और बारंबार हो रहे हैं। ‘मोन्था’ और कैरेबियाई क्षेत्र में सक्रिय ‘मेलिसा’ जैसे चक्रवात इस बात का संकेत हैं कि जलवायु परिवर्तन अब समुद्री क्षेत्रों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। (Cyclone Montha Alert)

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