छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रही जलजनित बीमारी, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
Chhattisgarh Health Department: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सभी जिलों में वर्षा ऋतु में उल्टी दस्त, मलेरिया, पीलिया और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए लगातार उचित रोकथाम और प्रबंधन किया जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में महासमुंद जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया ने बताया कि जिले में कुल 264 ओ.आर.टी कार्नर की स्थापना की गई है, जिसमें 227 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 05 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 01 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 01 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को संबंद्ध चिकित्सालय है।
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इसमें आई व्ही फ्लूइड, पैरासिटामाल दवाइयोंं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए जिले में ओ.आर.एस 96 हजार पैकेट और 2 लाख 44 हजार जिंक टेबलेट उपलब्ध है। सभी केन्द्रों में पेयजल की व्यव्स्था की गई है। उन्होंने बताया कि मितानिनो के दवा पेटी में पर्याप्त मात्रा में मौसमी बीमारी से निपटने के लिए समस्त दवाइयों जैसे ओर.आर.एस, जिंक, पैरामिटामाल और अन्य आवश्यक दवाईयां उपलब्ध करा दी गई है। डॉ. कुदेशिया ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां जैसे खाने की वस्तुओं और पानी को ढंककर रखने, बासी भोजन व सड़े गले फलो का सेवन न करने और हमेशा ताजा भोजन करने की सलाह दी है। (Chhattisgarh Health Department)
दाल का पानी पीने की सलाह
इसी तरह दस्त होने पर ओ.आर.एस. (जीवन रक्षक घोल) बनाकर थोडी-थोड़ी देर में पीते रहने, पानी को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर ही पीने के लिए उपयोग में लाने की सलाह दी है। इसके साथ ही भोजन से पूर्व और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोने की सलाह दी है। मौसमी बीमारियों से बचने के लिए दस्त शुरू होने के तुरन्त बाद ही घरेलू उपचार आरंभ करने, नारियल पानी का सेवन करने, नमकीन लस्सी, नींबू की शिकंजी, चावल का मांड, हल्की चाय या दाल का पानी पीने की सलाह दी है ताकि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहे। (Chhattisgarh Health Department)



