बिलासपुर में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की कोशिश, सक्ती में भी बवाल

Conversion in Bilaspur: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई इलाके में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का विवाद फिर से सामने आया है। इस सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल थे। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि इस सभा के दौरान धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सभा एक मकान में चल रही थी और इसे फर्जी परमिशन दिखाकर आयोजित किया जा रहा था। यह देखकर इलाके के बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने आयोजकों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच नोंकझोंक शुरू हो गई। इससे आसपास के इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
यह भी पढे़ं:- बिजली विभाग के नाम पर ऑनलाइन ठगी, बुजुर्ग महिला के खाते से 6 लाख रुपए गायब
मौके पर पहुंची सरकंडा पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और सभा को बंद कराया। पुलिस ने बताया कि आयोजन बिना अनुमति किया जा रहा था। आयोजकों को कानूनी कार्रवाई और भविष्य में बिना अनुमति किसी प्रार्थना सभा या धार्मिक कार्यक्रम न करने की हिदायत दी गई। हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा के दौरान धर्म परिवर्तन के लिए महिलाओं और पुरुषों को प्रलोभन दिया जा रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तविक रूप में किसी धर्मांतरण का प्रयास हुआ था।
सक्ती में ईसाई धर्म के प्रचार का आरोप
वहीं सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र के मालखरौदा बस्ती में चंगाई सभा के नाम पर ईसाई धर्म के प्रचार करने का आरोप लगा है। सर्व हिंदू समाज ने थाने में आवेदन देकर कहा कि बिना अनुमति आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभन दिया जा रहा था। शिकायत के बाद मालखरौदा थाना पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की और सभा को बंद कराया। पुलिस ने आयोजकों को समझाइश दी और भविष्य में बिना अनुमति कोई चंगाई सभा या प्रार्थना कार्यक्रम न करने की हिदायत दी। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
सरकार ने कही कानून बनाने की बात
विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मामलों में कानून के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन और अनुचित दबाव डालने की शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि कोई भी विवादास्पद गतिविधि देखते समय तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस को सूचित करें। यह मामला समाज में काफी चर्चा का विषय बन गया है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में लगातार धर्मांतरण और चंगाई सभा को लेकर विवाद सामने आ रहा है। इसे लेकर सरकार ने कानून बनाने की बात कही है। (Conversion in Bilaspur)



