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CRPF sub-inspector fraud : सीआरपीएफ उपनिरीक्षक से 22 लाख की ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराधियों ने 17 दिन रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’ में

CRPF sub-inspector fraud : केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में पदस्थ उपनिरीक्षक आर. महेन्द्रन साइबर ठगों का शिकार हो गए। फर्जी वीडियो कॉल, नकली दस्तावेज और सरकारी एजेंसियों की पहचान का झांसा देकर ठगों ने उनसे 22 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें 17 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया।

जानकारी के अनुसार, 6 जून से 23 जून 2025 के बीच उपनिरीक्षक को कई वीडियो कॉल आए, जिनमें कॉल करने वाले खुद को दूरसंचार विभाग, दिल्ली पुलिस और सीबीआई अधिकारी बता रहे थे। उन्होंने आधार नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा मामला बनाकर गिरफ्तारी और परिवार पर खतरे की धमकी दी।

व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का निरीक्षक बताया और नकली पहचान पत्र भी दिखाया। बाद में कॉल में एक अन्य व्यक्ति को जोड़ा गया, जिसे सीबीआई का डीसीपी बताया गया। इन लोगों ने बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों के नाम पर खातों में फंड वेरिफिकेशन के बहाने एक-एक कर लाखों रुपये ट्रांसफर करवाए। (CRPF sub-inspector fraud)

डर के चलते उपनिरीक्षक ने पत्नी के गहने गिरवी रखकर ऋण लिया और बेटे की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर ठगों द्वारा बताए गए खातों में पैसे भेजे। उन्होंने RBI का फर्जी पत्र भी दिखाया और आश्वासन दिया कि वेरिफिकेशन के बाद राशि वापस कर दी जाएगी। (CRPF sub-inspector fraud)

इसके अलावा, पीड़ित से परिजनों के नाम पर चल रही एफडी और बीमा पॉलिसियों को भी वेरिफिकेशन के लिए रकम ट्रांसफर करने को कहा गया। जब उपनिरीक्षक ने पैसे वापसी की मांग की, तो सभी नंबर बंद हो गए।

गांधीनगर थाना में शिकायत दर्ज कर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। (CRPF sub-inspector fraud)

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