दंतेवाड़ा DSP कल्पना वर्मा निलंबित, कारोबारी दीपक टंडन की शिकायत के बाद एक्शन

DSP Kalpana Verma Suspended: छत्तीसगढ़ शासन ने पुलिस विभाग की वरिष्ठ अधिकारी और दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कारोबारी दीपक टंडन की ओर से की गई शिकायत के बाद की गई है। दरअसल, कारोबारी ने DSP कल्पना वर्मा पर प्यार में फंसाकर करोड़ों रुपए ऐंठने, नक्सलियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को लीक करने और पद का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद इसे गंभीर मामला मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय या शासन की ओर से निर्धारित कोई दूसरी जगह रहेगा। साथ ही उन्हें नियमित जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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रायपुर में पुलिस महकमे से जुड़े इस मामले ने सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। 18 दिसंबर को दीपक टंडन की शिकायत के आधार पर DSP कल्पना वर्मा खुद रायपुर SP ऑफिस पहुंची थी, जहां करीब तीन घंटे तक पूछताछ और बयान दर्ज किए गए, जिसमें आरोप, जवाब और जांच के हर मोड़ पर मामला और पेचीदा होता गया। दीपक टंडन ने DSP कल्पना वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे आरोप शामिल हैं। कारोबारी ने DSP पर आरोप लगाए कि उन्होंने उससे 2 करोड़ से ज्यादा रुपए ऐंठे। फर्जी मामलों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। DSP पद का इस्तेमाल कर डराया-धमकाया और दबाव बनाया। (DSP Kalpana Verma Suspended)
महादेव सट्टा एप का दबाव: कारोबारी
कारोबारी ने कहा कि DSP ने दंतेवाड़ा में महादेव सट्टा एप के पैनल को संचालित करने का दबाव बनाया। टंडन ने कहा कि इनकार करने पर रिश्ते खराब होने और विवाद बढ़ने की धमकी दी गई। कारोबारी ने DSP और उनके परिजनों के खातों में संदिग्ध लेन-देन का दावा किया। साथ ही पैसे, गाड़ी और ज्वेलरी हड़पने का आरोप लगाया। इसके अलावा पत्नी से तलाक लेने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। इसे लेकर टंडन ने डीजीपी और आईजी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। (DSP Kalpana Verma Suspended)
DSP कल्पना वर्मा ने दी थी सफाई
DSP कल्पना वर्मा ने भी आरोपों का जवाब देते हुए सफाई दी थी। DSP ने कहा था कि उनके पिता से जुड़े पैसों का मामला है, जिसे टंडन गलत रूप में पेश कर रहे हैं। टंडन पर बकाया पैसे लौटाने का दबाव न बनाने का आरोप, केस वापस लेने का दबाव, फर्जी चैट और तस्वीरें वायरल करने और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। DSP ने कहा था कि महादेव सट्टा एप, लव ट्रैप और आर्थिक शोषण जैसे आरोप मनगढ़ंत और असत्य हैं। होटल में जाने का वीडियो गलत संदर्भ में पेश किया गया। टंडन ने प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की। साथ ही DSP कल्पना वर्मा ने खुद निष्पक्ष जांच की मांग की थी। हालांकि कार्रवाई के बाद यह मामला अब सियासी और प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण बन गया है। मीडिया और जनता की नजरें इसकी हर गतिविधि पर टिकी हुई हैं।



